मधुबनी: खजौली विधानसभा क्षेत्र के सुरहाच गांव में बिहार सरकार के श्रम संसाधन मंत्री एवं स्थानीय विधायक अरुण शंकर प्रसाद के वाहन पर पथराव और हंगामे के मामले में मधुबनी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने दावा किया है कि तकनीकी जांच, सीसीटीवी फुटेज और गुप्त सूचनाओं के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उन्हें दबोच लिया गया है।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार 5 जून 2026 की रात सुरहाच गांव में एक सड़क दुर्घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। मृतक के परिजनों से मुलाकात और सांत्वना देने के लिए 7 जून की शाम श्रम संसाधन मंत्री अरुण शंकर प्रसाद गांव पहुंचे थे।
इसी दौरान कुछ असामाजिक तत्वों ने वहां मौजूद महिलाओं को उकसाकर मंत्री के वाहन के सामने खड़ा कर दिया। आरोप है कि हंगामे के दौरान अनावश्यक मांगें रखी गईं और मंत्री के वाहन पर पथराव कर उसका शीशा क्षतिग्रस्त कर दिया गया।
मंत्री सुरक्षित, पुलिस ने तुरंत संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस उपमहानिरीक्षक मिथिला क्षेत्र, मधुबनी पुलिस अधीक्षक तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और पूरे मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने स्पष्ट किया कि घटना के दौरान मंत्री पूरी तरह सुरक्षित रहे।
विशेष टीम का गठन, CCTV फुटेज से हुई पहचान
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर-02 के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया।
जांच टीम ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों, स्थानीय मुखबिरों और अन्य स्रोतों की मदद से आरोपियों की पहचान की। इसके बाद विभिन्न स्थानों पर छापेमारी कर 4 पुरुष और 3 महिलाओं सहित कुल 7 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल अन्य संदिग्धों की पहचान की जा चुकी है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। मामले में संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
अफवाहों से बचने की अपील
मधुबनी पुलिस ने लोगों से अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं पर ध्यान न देने की अपील की है। पुलिस ने कहा है कि किसी भी व्यक्ति के खिलाफ हिंसा करना या कानून अपने हाथ में लेना गंभीर अपराध है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

