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जोशीमठ में 12 दिनों के भीतर 5.4 CM धंसी धरती, ISRO ने जारी की सैटेलाइट तस्वीरें

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न्यूज डेस्क: उत्तराखंड के जोशीमठ भू-धंसाव से अबतक सैकड़ों परिवार प्रभावित हुए हैं। लोगों को उनके पुश्तेनी घरों से दूसरी जगह शिफ्ट किया जा रहा है। इस बीच भू-धंसाव में तेजी आयी है। पिछले सात महीनों की तुलना में जमीन धंसने की गति कहीं ज्यादा तेजी आयी है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान (इसरो) की रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है।

पिछले साल धीमी थी भू-धंसाव की प्रक्रिया

रिपोर्ट के अनुसार मात्र 12 दिनों में जोशीमठ की धरती 5.4 सेंटीमीटर धंसी है। इसरो के नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर (एनआरएससी)की और से प्रारंभिक अध्ययन की रिपोर्ट जारी की गयी है। इस रिपोर्ट के अनुसार पिछले साल सात अप्रैल से लेकर नौ नवंबर के बीच पूरे नगर में भू-धंसाव की प्रक्रिया धीमी थी। इस अवधि में जोशीमठ की धरती 8.9 सेंटीमीटर तक धंस गई। जबकि 27 दिसंबर से लेकर आठ जनवरी के बीच भू-धंसाव की तीव्रता में बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। इसरो की रिपोर्ट के मुताबिक इन 12 दिनों के भीतर जोशीमठ 5.4 सेंटीमीटर धंस गया है। संभवत: जमीन धंसने की घटना में दो जनवरी के बाद बढ़ोत्तरी हुई। इस रिपोर्ट के साथ-साथ कार्टोसैट 2 एस नामक उपग्रह से ली गई तस्वीरें भी साझा की गई हैं।

भू-धंसाव से प्रभावित क्षेत्र का दायरा बढ़ रहा

रिपोर्ट के अनुसार भू-धंसाव का क्षेत्रफल बढ़ा है,लेकिन जोशीमठ नगर के मध्य भाग तक ही सीमित है। एक सामान्य भूस्खलन जैसे दिखने वाले क्षेत्र की पहचान की गई है,जिसका शीर्ष जोशीमठ-औली रोड के पास है। यह क्षेत्र 2,180 मीटर की उंचाई पर स्थित है। वहां से नीचे आते भू-धंसाव से प्रभावित क्षेत्र का दायरा बढ़ रहा है। तस्वीरों में सेना के हेलीपेड और नृसिंह मंदिर को जोशीमठ के मध्य भाग में फैले धंसाव क्षेत्र के प्रमुख स्थलों के रूप में दिखाया गया है। इसरो की रिपोर्ट चिंताजनक हालात की तरफ इशारा कर रही है।

राज्य सरकार ने माफ किया छह महीने का बिजली,पानी का बिल

इस बीच जोशीमठ भू-धंसाव मामले में प्रदेश मंत्रिमंडल ने प्रभावित परिवारों को नवंबर से छह माह तक बिजली और पानी का बिल माफ कर दिया है। बैंक ऋण की वसूली को भी एक साल के लि टाल दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक जोशीमठ भू-धंसाव पर केंद्रित रही। कैबिनेट ने सहकारी बैंकों से संबंधित ऋण के मामलों में तत्काल प्रभाव से वसूली पर रोक के आदेश दिए। निजी और राष्ट्रीयकृत बैंकों से जुड़े ऋणों की वसूली को एक साल के लिए स्थगित करने के संबंध में प्रदेश सरकार केंद्र से अनुरोध करेगी। बैठक में 18 प्रस्ताव आए लेकिन सभी को स्थगित कर दिया गया।

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