Bihar News: बिहार में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव देखने को मिलने वाला है। राज्य सरकार ने उन प्रखंडों में डिग्री कॉलेज खोलने की दिशा में तेजी से काम शुरू कर दिया है, जहां अब तक उच्च शिक्षा के लिए कोई अंगीभूत या संबद्ध महाविद्यालय उपलब्ध नहीं था। सरकार की योजना है कि नए शैक्षणिक सत्र के साथ 1 जुलाई से 211 नए डिग्री कॉलेजों में पढ़ाई शुरू कर दी जाए।
इस महत्वाकांक्षी पहल को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में लागू किया जा रहा है। उच्च शिक्षा विभाग ने कॉलेजों में शैक्षणिक गतिविधियां समय पर शुरू कराने के लिए प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी हैं।
211 प्रखंडों में पहली बार मिलेगा डिग्री कॉलेज का लाभ
जानकारी के अनुसार बिहार के कुल 534 प्रखंडों में से 211 ऐसे प्रखंड हैं, जहां अब तक कोई भी अंगीभूत या संबद्ध डिग्री कॉलेज नहीं था। इसके कारण हजारों छात्रों को स्नातक की पढ़ाई के लिए दूसरे शहरों या जिलों का रुख करना पड़ता था।
राज्य सरकार ने ‘सात निश्चय-3’ के तहत संचालित ‘उन्नत शिक्षा, उन्नत भविष्य’ कार्यक्रम के अंतर्गत ऐसे सभी प्रखंडों में नए डिग्री कॉलेज खोलने का निर्णय लिया है। इसका उद्देश्य ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों के विद्यार्थियों को उनके नजदीक ही उच्च शिक्षा की सुविधा उपलब्ध कराना है।
शिक्षकों और कर्मचारियों की तैनाती शुरू
उच्च शिक्षा विभाग ने नए कॉलेजों में शैक्षणिक सत्र शुरू कराने के लिए आवश्यक प्रक्रिया शुरू कर दी है। कॉलेजों में प्राचार्यों की नियुक्ति के साथ-साथ विषयवार शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की तैनाती की जा रही है।
विभाग का फोकस केवल कॉलेज खोलने पर नहीं, बल्कि वहां गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने पर भी है। इसी कारण भवन, फर्नीचर, कक्षाएं, पुस्तकालय और अन्य जरूरी संसाधनों की व्यवस्था भी की जा रही है।
छात्रों को मिलेगा बड़ा फायदा
नए डिग्री कॉलेज खुलने से ग्रामीण क्षेत्रों के हजारों छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा, क्योंकि अब उन्हें पढ़ाई के लिए दूसरे शहरों में रहने और अतिरिक्त खर्च उठाने की जरूरत कम होगी।
विभाग ने तेज की तैयारी
उच्च शिक्षा निदेशक प्रो. एन.के. अग्रवाल ने बताया कि सरकार के निर्देशानुसार सभी नए डिग्री कॉलेजों में 1 जुलाई से पढ़ाई शुरू कराने के लिए युद्धस्तर पर तैयारी चल रही है। विभाग लगातार कॉलेजों की व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रहा है ताकि नए सत्र की शुरुआत निर्धारित समय पर हो सके।

