फीकी चाय पीकर सेफ समझने वाले सावधान,ये आदतें दे रही हैं डायबिटीज को दावत

0
5

आजकल बहुत लोग सुबह बिना चीनी वाली चाय या कॉफी पीकर खुद को हेल्दी मानने लगे हैं।उन्हें लगता है कि अगर चीनी छोड़ दी, तो डायबिटीज का खतरा भी खत्म हो जाएगा।लेकिन मुंबई के सैफी अस्पताल की एंडोक्राइनोलॉजिस्ट डॉ. शहला शेख कहती हैं कि हकीकत इससे कहीं ज्यादा गंभीर है। सिर्फ चाय से चीनी हटाने भर से डायबिटीज नहीं रुकती। कई लोग बिना चीनी की चाय पीते हुए भी इस बीमारी का शिकार हो रहे हैं।

डॉ. शहला शेख ने मीडिया को बताया कि कई लोगों को लगता है कि चाय और कॉफी में चीनी नहीं लेने से वे डायबिटीज से सुरक्षित रहेंगे। जबकि सिर्फ इतना करना ही काफी नहीं है।कुछ दूसरी आदतें ब्लड शुगर को इससे कहीं ज्यादा प्रभावित करती हैं।असल खतरा हमारी रोजमर्रा की लाइफस्टाइल में छिपा है।सुबह से शाम तक कुर्सी पर बैठे रहना, कम नींद लेना, तनाव में रहना और प्रोसेस्ड फूड खाना धीरे-धीरे शरीर को अंदर से बीमार बना रहा है।ऑफिसों में घंटों लैपटॉप के सामने बैठना अब सामान्य हो गया है। लोग 8 से 10 घंटे तक मुश्किल से अपनी सीट छोड़ते हैं. यही आदत शरीर को इंसुलिन के प्रति कमजोर बनाने लगती है।

रिसर्च बताती है कि रोज लंबे समय तक बैठे रहने से डायबिटीज का खतरा तेजी से बढ़ता है। जब शरीर एक्टिव नहीं रहता, तो मांसपेशियां ग्लूकोज को सही तरीके से इस्तेमाल नहीं कर पातीं।इससे इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ने लगता है और धीरे-धीरे ब्लड शुगर कंट्रोल से बाहर जाने लगता है।डॉ. शहला शेख के मुताबिक “लगातार बैठे रहने वाली लाइफस्टाइल डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और हाई कोलेस्ट्रॉल जैसी बीमारियों का बड़ा कारण बन चुकी है।यह आदत स्मोकिंग जितनी नुकसानदायक हो सकती है।

सिर्फ बैठे रहना ही नहीं, नींद की कमी भी शरीर पर गहरा असर डालती है।आज ज्यादातर लोग देर रात तक मोबाइल चलाते हैं या काम करते रहते हैं।फिर सुबह जल्दी उठ जाते हैं।।शरीर को पूरा आराम नहीं मिल पाता. इसका सीधा असर ब्लड शुगर पर पड़ता है। स्टडीज में पाया गया है कि कम नींद लेने से इंसुलिन सेंसिटिविटी घट जाती है। यानी शरीर इंसुलिन का सही इस्तेमाल नहीं कर पाता।इसके साथ ही शरीर में कोर्टिसोल जैसे स्ट्रेस हार्मोन बढ़ने लगते हैं, जो ब्लड शुगर को और बिगाड़ देते हैं।

तनाव भी डायबिटीज का बड़ा कारण बनता जा रहा है।लगातार तनाव में रहने से शरीर ज्यादा ग्लूकोज रिलीज करता है।यही वजह है कि कई लोग ज्यादा मीठा खाए बिना भी हाई ब्लड शुगर की समस्या से जूझने लगते हैं. इसके अलावा बाजार में मिलने वाले शुगर फ्री प्रोडक्ट्स भी लोगों को भ्रमित कर रहे हैं। पैकेट पर शुगर फ्री लिखा होने का मतलब यह नहीं कि वह हेल्दी है।कई ऐसे प्रोडक्ट्स में रिफाइंड मैदा, प्रोसेस्ड ऑयल और हाई कार्बोहाइड्रेट मौजूद होते हैं, जो ब्लड शुगर बढ़ा सकते हैं.

एक्सपर्ट का कहना है कि डायबिटीज से बचने के लिए सिर्फ चीनी कम करना काफी नहीं है। रोज थोड़ा चलना, हर घंटे सीट से उठना, फाइबर और प्रोटीन वाला खाना खाना, तनाव कम करना और 7 से 8 घंटे की अच्छी नींद लेना ज्यादा जरूरी है। क्योंकि असली फर्क सिर्फ चाय में चीनी छोड़ने से नहीं, बल्कि पूरी लाइफस्टाइल बदलने से पड़ता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here