Seasonal Flu में क्या खाएं? जल्दी रिकवरी के लिए डाइट में शामिल करें ये चीजें

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Seasonal Flu Diet: मौसम में बदलाव के साथ वायरल संक्रमण और सीजनल फ्लू के मामले बढ़ सकते हैं। फ्लू होने पर बुखार, सर्दी-जुकाम, खांसी, गले में खराश, शरीर में दर्द और थकान जैसी परेशानियां महसूस हो सकती हैं। कई बार लोग इसे सामान्य वायरल मानकर ज्यादा ध्यान नहीं देते, लेकिन बीमारी के दौरान शरीर को पर्याप्त आराम के साथ सही पोषण देना भी जरूरी होता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, फ्लू से उबरने के दौरान खानपान का खास ध्यान रखना चाहिए। पर्याप्त तरल पदार्थ, हल्का भोजन, फल-सब्जियां और प्रोटीन युक्त चीजें शरीर को जरूरी पोषण देने में मदद कर सकती हैं। आइए जानते हैं फ्लू के दौरान डाइट में किन चीजों को जगह दी जा सकती है।

1. शरीर में पानी की कमी न होने दें

फ्लू के दौरान बुखार और कम खाना-पीना शरीर में डिहाइड्रेशन का कारण बन सकता है। इसलिए दिनभर थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पानी पीते रहें। सादा पानी के अलावा नारियल पानी, नींबू पानी, सूप और अन्य गुनगुने तरल पदार्थ भी लिए जा सकते हैं। पर्याप्त मात्रा में तरल लेने से शरीर में पानी का संतुलन बनाए रखने में मदद मिलती है।

2. हल्का और आसानी से पचने वाला खाना खाएं

बीमारी के दौरान बहुत ज्यादा तला, मसालेदार या भारी भोजन करने से बचना बेहतर है। खिचड़ी, दलिया, मूंग दाल, सादी रोटी और अच्छी तरह पकी हुई सब्जियां जैसे हल्के विकल्प लिए जा सकते हैं। ये भोजन अपेक्षाकृत आसानी से पचते हैं और शरीर को ऊर्जा व जरूरी पोषक तत्व देने में मदद करते हैं।

3. फल और सब्जियों को डाइट में करें शामिल

फ्लू के दौरान पोषक तत्वों से भरपूर भोजन लेना महत्वपूर्ण है। संतरा, मौसमी, अमरूद, कीवी और पपीता जैसे फल डाइट का हिस्सा बनाए जा सकते हैं। इसके साथ पालक, गाजर, टमाटर और शिमला मिर्च जैसी सब्जियां भी खाई जा सकती हैं। इनमें मौजूद विभिन्न विटामिन और अन्य पोषक तत्व सामान्य प्रतिरक्षा कार्य को सपोर्ट करते हैं।

4. प्रोटीन की जरूरत को न करें नजरअंदाज

बीमारी से रिकवरी के दौरान शरीर को पर्याप्त प्रोटीन भी चाहिए। इसके लिए दाल, दूध, दही, पनीर, सोया और अंडे जैसे विकल्प अपनी डाइट में शामिल किए जा सकते हैं। पर्याप्त प्रोटीन शरीर की सामान्य रिकवरी और मांसपेशियों को बनाए रखने में मदद करता है।

5. इन चीजों से बना लें दूरी

फ्लू के दौरान बहुत ज्यादा तला-भुना, जंक फूड और अत्यधिक मीठे खाद्य पदार्थों का सेवन कम करना बेहतर है। इसी तरह पर्याप्त नींद और आराम भी जरूरी है। डॉक्टर ने जो दवाएं या उपचार बताए हैं, उन्हें उनकी सलाह के अनुसार ही लें।

कब डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है?

अगर बुखार लगातार कई दिनों तक बना रहता है, सांस लेने में परेशानी होती है, कमजोरी बढ़ती जाती है या लक्षण गंभीर महसूस होते हैं, तो डॉक्टर से संपर्क करने में देरी नहीं करनी चाहिए। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों में लक्षण गंभीर होने पर चिकित्सकीय सलाह लेना महत्वपूर्ण है।

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