पटना: बिहार में धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन को नई दिशा देने की तैयारी शुरू हो गई है। मुंगेर जिले का तारापुर अब सिर्फ धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं रहेगा, बल्कि योग, ध्यान और वेलनेस टूरिज्म के बड़े केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। राज्य सरकार ने तारापुर प्रखंड के गाजीपुर गांव में एक महत्वाकांक्षी पर्यटन परियोजना को मंजूरी दी है।
इस परियोजना के तहत ईशा फाउंडेशन को करीब 15.01 एकड़ सरकारी जमीन 99 वर्षों की लीज पर देने का फैसला किया गया है। इसके लिए प्रति वर्ष महज 1 रुपये का टोकन रेंट निर्धारित किया गया है। यहां अंतरराष्ट्रीय स्तर का योग केंद्र, भव्य आदियोगी प्रतिमा और आधुनिक आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
आदियोगी प्रतिमा बनेगी आकर्षण का केंद्र
परियोजना के तहत तारापुर में भव्य आदियोगी महादेव प्रतिमा स्थापित की जाएगी। इसके साथ योग और ध्यान के लिए आधुनिक सुविधाओं से लैस केंद्र तैयार होगा। यहां आध्यात्मिक कार्यक्रमों, योग साधना और वेलनेस गतिविधियों के लिए जरूरी आधारभूत ढांचा भी विकसित किया जाएगा।
सरकार का मानना है कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद तारापुर की पहचान बिहार से आगे बढ़कर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बनेगी। योग और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने से देश-विदेश से पर्यटकों और श्रद्धालुओं के यहां पहुंचने की संभावना बढ़ेगी।
शिव परिपथ और कांवरिया पथ से जुड़ेगा नया पर्यटन केंद्र
तारापुर का धार्मिक महत्व पहले से ही काफी बड़ा है। यह क्षेत्र प्राचीन अंग जनपद की विरासत से जुड़ा है और शिव परिपथ तथा कांवरिया पथ का भी महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है। हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस क्षेत्र में पहुंचते हैं।
नई परियोजना के जरिए धार्मिक आस्था के साथ योग, ध्यान और वेलनेस पर्यटन को जोड़ा जाएगा। साथ ही देवघर मार्ग से बेहतर कनेक्टिविटी विकसित करने पर भी जोर दिया जाएगा, जिससे पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए आवागमन आसान हो सके।
युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के रास्ते
सरकार के मुताबिक, इस परियोजना का असर सिर्फ पर्यटन तक सीमित नहीं रहेगा। नए योग एवं वेलनेस केंद्र के विकसित होने से स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी पैदा होने की उम्मीद है।
पर्यटन गतिविधियां बढ़ने के साथ होटल, परिवहन, स्थानीय खान-पान, हस्तशिल्प और अन्य सेवाओं से जुड़े कारोबार को भी फायदा मिल सकता है। इससे तारापुर और आसपास के क्षेत्रों की स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की संभावना है।
बिहार के आध्यात्मिक पर्यटन को मिलेगा नया प्लेटफॉर्म
राज्य सरकार का लक्ष्य बिहार की प्राचीन धार्मिक और आध्यात्मिक विरासत को आधुनिक पर्यटन सुविधाओं से जोड़ना है। तारापुर की इस परियोजना को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
यदि परियोजना निर्धारित योजना के अनुसार विकसित होती है, तो तारापुर आने वाले समय में योग, ध्यान, वेलनेस और आध्यात्मिक पर्यटन के लिए बिहार के प्रमुख गंतव्यों में शामिल हो सकता है।

