बीरेंद्र कुमार झा
उत्तर प्रदेश के गैंगस्टर अतीक अहमद की हत्या के बाद अब बयानों की राजनीति शुरू हो गई है।बिहार के उप मुख्यमंत्री और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव पटना एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बात करते हुए अतीक अहमद के नाम के साथ जी लगाकर बुरी तरह से फंस गए हैं। पूर्व गृह सचिव और मोदी सरकार में मंत्री आर के सिंह ने इस मामले में निशाने पर ले लिया है। उन्होंने कहा कि वोट बैंक के लिए ये लोग कभी आतंकी लगाते हैं, तो अभी दुर्दांत अपराधी के नाम में जी लगा रहे हैं।
दुर्दांत अपराधी के लिए बहा रहे हैं आंसू
केंद्रीय मंत्री आरके सिंह ने लिखा है कि तेजस्वी यादव बिहार के उपमुख्यमंत्री हैं। और वे एक दुर्दांत अपराधी को जी (अतीक जी ) कहते अतीक पर एक सौ से ज्यादे मुकदमे थे,जो हत्या,अपहरण और फिरौती से संबद्ध थे। जो भी गवाह होता था उसको ये मार देते थे या फिर उसके परिवार का अपहरण कर लेते थे। आरके सिंह ने कहा कि अतीक अहमद ने कबूल किया था कि उसका लश्कर-ए-तैयबा से संबंध है। वह गैंगवार में मारा गया। उसके लिए ये लोग आंसू बहा रहे हैं। आरजेडी हो या समाजवादी पार्टी हो या फिर ममता जी हो ये सब वोट बैंक की तलाश में ऐसा कर रहे हैं।
दलितों की मौत पर आंसू नहीं बहाए
अतीक अहमद की हत्या पर उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के दिए बयान को बीजेपी सांसद सुशील मोदी ने भी आड़े हाथों लिया है। सुशील मोदी ने कहा है कि तेजस्वी यादव के राज में दलित जहरीली शराब के सेवन से मर गए लेकिन उस पर उन्होंने आंसू नहीं बहाया और एक गैंगवार में गैंगस्टर मारा गया तो ये आंसू बहा रहे हैं। यूपी के लोग खुश हैं कि वह मारा गया, भले ही वह गैंगवार में ही मारा गया। आप कम से कम अपने राज्य में जहरीली शराब पीने से जिनकी मृत्यु उनके परिवार को मुआवजा दीजिए।

