- बीरेंद्र कुमार झा
बिहार के शिक्षा मंत्री प्रोफ़ेसर चंद्रशेखर ने एक बार फिर से विवादित बयान दिया है।उन्होंने कहा की इसमें कूड़ा कूड़ा कचरा भरा है जिसे साफ करने की जरूरत है। शिक्षा मंत्री प्रोफेसर चंद्रशेखर पहले भी रामचरितमानस को नफरत फैलाने वाला ग्रंथ कह चुके हैं।शिक्षा मंत्री अभी भी अपने बयान पर काबिज है। इससे महागठबंधन के घटक दलों के बीच घमासान मचा हुआ है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी,जेडीयू के विधायक संजीव सिंह ने कहा कि शिक्षा मंत्री प्रोफेसर चंद्रशेखर का दिमागी संतुलन बिगड़ गया है।
बजट सत्र के दौरान एक बार फिर से रामचरित मानस को लेकर दिया विवादित बयान
बिहार के बजट सत्र के दौरान मंगलवार को मीडिया से बातचीत करते हुए बिहार के शिक्षा मंत्री प्रोफेसर चंद्रशेखर ने एक बार फिर से हिंदू धर्म के पवित्र ग्रंथ रामचरितमानस पर सवाल खड़ा किया है। शिक्षा मंत्री प्रोफेसर चंद्रशेखर ने कहा कि वे अपनी पुरानी बातों पर अभी भी कायम है ।उनकी मानें तो रामचरितमानस में कई दोहे हैं, जिसके विरुद्ध वे आगे भी सवाल उठाते रहेंगे।
शिक्षा मंत्री प्रोफेसर चंद्रशेखर ने मंगलवार को कहा की की शुद्र ने अब पढ़ – लिखा लिया है। पहले शुद्ध पढ़ा लिखा नहीं था, इसलिए वह अपने अपमान को भी सम्मान समझता था। अब इसने पढ़ लिख लिया है तो वह अपने प्रति अपमानजनक बातों को अमृत कैसे मान लें।
बिहार के शिक्षा मंत्री प्रोफेसर चंद्रशेखर ने कहा की प्रसिद्ध समाजवादी डॉ राम मनोहर लोहिया ने भी रामचरितमानस से कचरा निकालने के बारे में कहा था। मैं डॉ राम मनोहर लोहिया से बड़ा नहीं हूं।
सहयोगी दल जेडीयू ने किया कड़ा प्रहार
बिहार की महागठबंधन वाली सरकार में आरजेडी की सहयोगी जेडीयू पार्टी के विधायक संजीव सिंह ने शिक्षा मंत्री प्रोफेसर चंद्रशेखर के बयान पर कड़ी आपत्ति दर्ज की है।उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री को मेंटल डिसऑर्डर है। अगर उन्हें हिंदू के इस पवित्र धर्म ग्रंथ रामचरितमानस से इतनी ही तकलीफ है तो वे अपना धर्म बदल लें। गौरतलब है कि शिक्षा मंत्री प्रोफ़ेसर चंद्रशेखर झारखंड के महा गठबंधन वाली सरकार में आरजेडी खेमा से मंत्री बने हैं।

