बिहार में आएगा AI का दौर! सरकार बनाएगी Smart Infrastructure Dashboard, युवाओं के लिए खुलेंगे नए रास्ते

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पटना: बिहार में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य मंत्रिपरिषद ने टायो (Taiyo) एआई इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और सूचना प्रावैधिकी विभाग, बिहार के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर करने को मंजूरी दे दी है। सरकार का लक्ष्य राज्य में एक मजबूत, नवाचार आधारित और रोजगारपरक AI Ecosystem तैयार करना है।

इस पहल के जरिए सरकारी योजनाओं और सार्वजनिक बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की प्लानिंग से लेकर निगरानी तक में AI और डेटा एनालिटिक्स का इस्तेमाल बढ़ाने की तैयारी है। सरकार का मानना है कि इससे परियोजनाओं की निगरानी बेहतर होगी, संभावित देरी का पहले पता लगाया जा सकेगा और सरकारी संसाधनों का अधिक प्रभावी इस्तेमाल संभव होगा।

बिहार में AI से बदलेंगे सरकारी कामकाज के तरीके!

सूचना प्रावैधिकी विभाग के मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि बिहार को तकनीक, नवाचार और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में यह पहल महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि AI का इस्तेमाल केवल तकनीकी क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सुशासन, सार्वजनिक बुनियादी ढांचे, परियोजना प्रबंधन और मानव संसाधन विकास जैसे क्षेत्रों में भी किया जाएगा। सरकार की कोशिश है कि डेटा और आधुनिक तकनीक के जरिए फैसले लेने की प्रक्रिया को ज्यादा स्मार्ट, तेज और परिणाम आधारित बनाया जाए।

AI Dashboard से परियोजनाओं पर रहेगी पैनी नजर

MoU के तहत प्रस्तावित AI Enabled Public Infrastructure Dashboard इस पूरी योजना का अहम हिस्सा होगा। इसके जरिए सरकारी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की निगरानी में AI तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इस सिस्टम में ऐसे Early Warning Indicators विकसित किए जाने की योजना है, जिनकी मदद से किसी परियोजना में संभावित देरी या लागत बढ़ने की आशंका का पहले ही पता लगाया जा सकेगा।

इसका सीधा फायदा यह होगा कि संबंधित विभाग समय रहते आवश्यक कदम उठा सकेंगे। इससे परियोजनाओं को तय समय में पूरा करने और सार्वजनिक धन के बेहतर इस्तेमाल में मदद मिलने की उम्मीद है।

डेटा से तय होगी विकास परियोजनाओं की दिशा

सरकार अब Geospatial Data, Demographic Data और अन्य उपलब्ध डेटासेट का AI Tools के जरिए विश्लेषण करने की दिशा में भी काम करेगी। इस तकनीक का इस्तेमाल सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की योजना बनाने, निर्माण और निगरानी में किया जाएगा। यानी किसी इलाके में किस तरह की परियोजना की जरूरत है, उसे प्राथमिकता कैसे दी जाए और काम की प्रगति किस तरह ट्रैक की जाए—इन फैसलों में डेटा की भूमिका बढ़ाई जाएगी। इससे सरकारी परियोजनाओं में अनुमान के बजाय डेटा आधारित निर्णय लेने की क्षमता मजबूत हो सकती है।

युवाओं और महिलाओं को AI की ट्रेनिंग

बिहार सरकार की इस पहल का एक बड़ा फोकस स्किल डेवलपमेंट भी है। AI तकनीक को सरकारी व्यवस्था में शामिल करने के साथ-साथ मानव संसाधन को इसके लिए तैयार करने की योजना है। इसके तहत सरकारी अधिकारियों को Digital Governance और AI के प्रभावी इस्तेमाल के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा।

वहीं, राज्य के छात्रों, युवाओं और महिलाओं के लिए AI और Data Analytics से जुड़े कौशल विकास कार्यक्रम संचालित करने की योजना है। इससे भविष्य में नई तकनीक से जुड़े रोजगार के अवसरों के लिए युवाओं को तैयार करने में मदद मिल सकती है।

बिहार को AI के क्षेत्र में अग्रणी बनाने का लक्ष्य

मंत्री नीतीश मिश्रा के मुताबिक, यह पहल बिहार में AI आधारित सुशासन, तकनीकी नवाचार, स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगारपरक कौशल विकास को गति देने में अहम भूमिका निभा सकती है। सरकार की योजना AI को केवल एक तकनीक के तौर पर इस्तेमाल करने की नहीं, बल्कि इसे विकास और प्रशासन की व्यवस्था का हिस्सा बनाने की है।

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