सुप्रीम कोर्ट ने स्टूडेंट प्रोटेस्ट के दौरान हुई हिंसा की जांच के लिए पांच सदस्यीय हाई पावर्ड इंक्वायरी कमेटी गठित की है। सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज जस्टिस आर सुभाष रेड्डी इसकी अगुवाई करेंगे। उनके अलावा इस समिति में चार सदस्य होंगे, जिसमें पूर्व दो जज, एक पूर्व सीबीआई डायरेक्टर, एक पूर्व डीजीपी सदस्य के रूप में काम करेंगे।
लाइव लॉ की एक रिपोर्ट के अनुसार सुप्रीम कोर्ट ने पिछले महीने 20 जुलाई को संसद चलो मार्च के दौरान हुई हिंसा की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज आर सुभाष रेड्डी की अध्यक्षता में उच्च अधिकार प्राप्त समिति गठित की है, जो हिंसा को लेकर लगाए जा रहे सभी आरोपों की जांच करेगी।
जस्टिस आर सुभाष रेड्डी के अलावा इस समिति के बाकी चार सदस्यों में पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस रवि शंकर झा, दिल्ली हाई कोर्ट की पूर्व जज जस्टिस शलिंदर कौर, पूर्व सीबीआई डायरेक्टर ऋषि कुमार शुक्ला और मेघालय के पूर्व डीजीपी एलआर बिश्नोई को भी मेंबर बनाया गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने इस समिति से कहा है कि वह पुलिस पर लगी बर्बरता के आरोपों के साथ ही प्रदर्शनकारियों की ओर से की गई हिंसा की भी जांच करे।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने निर्देश में कहा है कि उसके सामने जो कुछ भी तथ्य रखे गए हैं और उसको लेकर जो विभिन्न तरह के विस्तृत सुझाव दिए गए, उसको देखते हुए सर्वोच्च अदालत न्याय के हित में उच्च अधिकार प्राप्त जांच समिति (HPEC) का गठन करना उचित समझती है।

