Bihar SDG Conclave 2026: बिहार को सतत विकास के रास्ते पर आगे ले जाकर विकसित राज्य बनाने को लेकर Bihar SDG Conclave 2026 में व्यापक चर्चा हुई। अधिवेशन भवन में आयोजित दो दिवसीय कॉन्क्लेव में राज्य के विकास, सतत विकास लक्ष्यों (SDGs), जिलों की भूमिका, ग्रामीण सड़कों, महिला सशक्तीकरण और विकसित बिहार 2037 के लक्ष्य पर विचार रखे गए।
उद्योग एवं खेल विभाग की मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा कि प्रत्येक बिहारी का लक्ष्य होना चाहिए कि वह बिहार को आगे बढ़ाने में अपना योगदान कैसे दे सकता है। उन्होंने कहा कि इसी सोच और सामूहिक मंथन से सतत विकास के जरिए विकसित बिहार की परिकल्पना को साकार किया जा सकता है।
श्रेयसी सिंह बोलीं- समृद्ध बिहार से ही विकसित भारत का सपना होगा पूरा
कॉन्क्लेव का उद्घाटन उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस दौरान उन्होंने योजना एवं विकास विभाग की ओर से एसडीजी से संबंधित प्रकाशित पुस्तक का विमोचन किया। साथ ही अर्थ एवं सांख्यिकी निदेशालय की वेबसाइट का शुभारंभ और डेटा लैब का उद्घाटन भी किया गया।
अपने संबोधन में मंत्री ने बिहार के विकास के लिए राज्य सरकार की ओर से संचालित योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जब बिहार समृद्ध होगा, तभी भारत विकसित होगा। उनके अनुसार जिला और राज्य के विकास के लिए सही नीयत के साथ काम करना जरूरी है।
महिलाओं की भागीदारी पर भी दिया जोर
श्रेयसी सिंह ने कहा कि सरकार महिलाओं को लगातार आगे बढ़ाने के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि इसका असर विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी के रूप में दिखाई दे रहा है।
उन्होंने पुलिस विभाग का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां बड़ी संख्या में महिलाएं अपनी भूमिका निभा रही हैं। मंत्री ने यह भी कहा कि आने वाले समय में बिहार में कई बड़े उद्योग स्थापित होंगे और इसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

विकास आयुक्त बोले- बिहार की ग्रामीण सड़कें भी बेहतर
विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह ने कहा कि पिछले 20 वर्षों में बिहार में काफी बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि राज्य की ग्रामीण सड़कें देश के दूसरे राज्यों की तुलना में भी बेहतर हैं। उनके अनुसार बेहतर सड़कों के कारण गांवों के उत्पाद तेजी से शहरों तक पहुंच रहे हैं। राज्य में एक्सप्रेस-वे के विकास के साथ-साथ सड़क और रेल नेटवर्क पर भी तेजी से काम हो रहा है।
विकास आयुक्त ने कहा कि अब गांवों में बिजली की स्थिति में भी काफी सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि भारत के विकास में बिहार तेजी से योगदान दे रहा है।
विकसित बिहार के बिना विकसित भारत संभव नहीं: शमिका रवि
भारत सरकार के ईएसी-पीएम की सदस्य प्रो. शमिका रवि ने बिहार में हुए बदलावों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि विकसित भारत की परिकल्पना विकसित बिहार के बिना पूरी नहीं हो सकती। उन्होंने बिहार की आर्थिक प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत की जीडीपी में बिहार की ग्रोथ आगे है। साथ ही बिहार के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में उपभोग में भी वृद्धि हुई है। शमिका रवि ने कहा कि बिहार के लोगों की मेहनत के कारण यह बदलाव संभव हो पाया है। वहीं, संयुक्त राष्ट्र के रेजिडेंट कोऑर्डिनेटर स्टीफन प्रीस्नर ने भी बिहार के विकास को लेकर अपने विचार रखे।
जिलों के विकास में DM और DDC की अहम भूमिका
योजना एवं विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव डॉ. एन विजयलक्ष्मी ने कहा कि जिलों के विकास में डीएम और डीडीसी की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सतत विकास के लक्ष्यों को हासिल करने में जिलों की अहम भूमिका है। उन्होंने कहा कि पुराने बिहार और वर्तमान बिहार में काफी बदलाव आया है और यह परिवर्तन जमीन पर दिखाई दे रहा है।
अपर मुख्य सचिव ने कहा कि केंद्र सरकार ने विकसित भारत 2047 का लक्ष्य तय किया है। इसे हासिल करने के लिए पहले विकसित बिहार 2037 के लक्ष्य को प्राप्त करना जरूरी है।

बिहार का SDG स्कोर 48 से बढ़कर 57 हुआ
डॉ. एन विजयलक्ष्मी ने कहा कि सतत विकास लक्ष्यों के क्षेत्र में बिहार ने लगातार प्रगति की है। राज्य ने SDGs को अपनी विकास प्राथमिकताओं के साथ जोड़ते हुए संस्थागत स्तर पर कई महत्वपूर्ण पहल की हैं। उन्होंने बताया कि बिहार का समग्र SDG स्कोर 2018-19 के 48 से बढ़कर 57 हो गया है। राज्य ने 11 सतत विकास लक्ष्यों में सुधार दर्ज किया है।
वर्तमान में बिहार छह SDGs में फ्रंटरनर श्रेणी में है। इनमें शामिल हैं:
- SDG 3: अच्छा स्वास्थ्य एवं कल्याण
- SDG 6: स्वच्छ जल एवं स्वच्छता
- SDG 7: सस्ती एवं स्वच्छ ऊर्जा
- SDG 12: जिम्मेदार उपभोग एवं उत्पादन
- SDG 15: स्थलीय पारिस्थितिकी
- SDG 16: शांति, न्याय एवं सशक्त संस्थाएं
इनमें SDG 6 (स्वच्छ जल एवं स्वच्छता) में बिहार ने 98 अंक हासिल किए हैं। कॉन्क्लेव के अंत में धन्यवाद ज्ञापन यूनिसेफ की डॉ. मोनिका नीलसन ने किया।

