पटना: बिहार में औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन को नई गति देने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। वैशाली जिले के हाजीपुर स्थित औद्योगिक क्षेत्र गोरौल फेज-1 में एक अत्याधुनिक खाद्य प्रसंस्करण इकाई स्थापित की जाएगी। इस परियोजना में करीब 17.25 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा, जिससे राज्य के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को मजबूती मिलने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
Moogy Foods को मिली परियोजना की स्वीकृति
बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (BIADA) की परियोजना समाशोधन समिति (PCC) की बैठक में इस परियोजना को मंजूरी दी गई। बैठक की अध्यक्षता उद्योग विभाग के सचिव सह प्रबंध निदेशक, BIADA एवं AIDA कुंदन कुमार ने की।
बैठक में विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में भूमि और प्लग एंड प्ले शेड्स के आवंटन संबंधी प्रस्तावों पर विचार किया गया। इसी क्रम में Moogy Foods Private Limited को हाजीपुर के गोरौल फेज-1 औद्योगिक क्षेत्र में खाद्य प्रसंस्करण इकाई स्थापित करने की अनुमति प्रदान की गई।
2 एकड़ भूमि पर बनेगा आधुनिक उत्पादन केंद्र
प्रस्तावित इकाई लगभग 2 एकड़ भूमि में विकसित की जाएगी। यहां कुरकुरे, पफ्स और अन्य रेडी-टू-ईट स्नैक उत्पादों का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना के शुरू होने से बिहार में मूल्य संवर्धित खाद्य उत्पादों के निर्माण को बढ़ावा मिलेगा और राज्य की औद्योगिक क्षमता में भी वृद्धि होगी।
200 लोगों को मिलेगा रोजगार
परियोजना के माध्यम से लगभग 200 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलने के साथ-साथ कौशल विकास के नए अवसर भी उपलब्ध होंगे।
बिहार को फूड प्रोसेसिंग हब बनाने की दिशा में कदम

उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा कि राज्य सरकार खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को बिहार के औद्योगिक विकास का प्रमुख आधार बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की परियोजनाएं स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग, रोजगार सृजन और उद्योग विस्तार में अहम योगदान देती हैं।
मंत्री ने कहा कि बिहार को खाद्य प्रसंस्करण उद्योग का अग्रणी केंद्र बनाने के लिए सरकार निवेशकों को हर संभव सहायता और अनुकूल वातावरण उपलब्ध करा रही है।
निवेशकों के लिए बेहतर माहौल तैयार
उद्योग विभाग के सचिव सह प्रबंध निदेशक BIADA एवं AIDA कुंदन कुमार ने कहा कि राज्य में निवेशकों को आधुनिक आधारभूत संरचना, पारदर्शी प्रक्रियाएं और उद्योग-अनुकूल नीतियां उपलब्ध कराई जा रही हैं।
उन्होंने विश्वास जताया कि खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में बढ़ता निवेश बिहार की औद्योगिक प्रगति को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा और युवाओं के लिए रोजगार एवं उद्यमिता के नए अवसर पैदा करेगा। यह परियोजना बिहार में तेजी से विकसित हो रहे औद्योगिक माहौल का एक और उदाहरण है, जो राज्य को निवेश और विनिर्माण के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की दिशा में आगे बढ़ा रही है।

