उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक कोचिंग इंस्टीट्यूट में भीषण आग लग गई। कोचिंग सेंटर से अब तक 14 लोगों के शव निकाले जा चुके हैं। इस भयावह अग्निकांड को लेकर पीएम मोदी, राहुल गांधी, राजनाथ सिंह समेत कई नेताओं ने दुख व्यक्त किया है। साथ ही पीएम मोदी ने मृतकों के परिजन को दो-दो लाख रुपये मुआवजे का ऐलान किया है। यूपी के सीएम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है।
लखनऊ कोचिंग अग्निकांड पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा ‘उत्तर प्रदेश के लखनऊ में आग लगने की घटना में हुई मौतों से बहुत दुख हुआ है। पीड़ित परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएं। घायल लोग जल्द से जल्द ठीक हों। बचाव कार्य चल रहा है और अधिकारी हर संभव मदद पहुंचा रहे हैं।’ इसके साथ ही पीएम मोदी ने PMNRF से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि का भी ऐलान किया है। साथ ही घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे।
लखनऊ हादसे पर उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि उत्तर प्रदेश के लखनऊ में हुई अग्निकांड में हुई जानमाल की हानि अत्यंत दुखद है। मेरी हार्दिक संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।
राहुल गांधी ने भी इस भीषण अग्निकांड पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा- ‘लखनऊ के कोचिंग सेंटर में आग लगने के हादसे में कई लोगों की मृत्यु और कई अन्य के घायल होने का समाचार अत्यंत पीड़ादायक है। सभी शोकाकुल परिवारों को अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की आशा करता हूं।
रक्षामंत्री व लखनऊ से सांसद राजनाथ सिंह ने हादसे पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि लखनऊ के अलीगंज इलाके में एक कोचिंग सेंटर में आग लगने से हुआ हादसा मन को व्यथित करने वाला है। मेरी संवेदनाएं उन सभी परिवारों के साथ है, जिन्होंने इस घटना में अपने प्रियजनों को खोया है। इसके साथ ही मैं सभी घायलों के जल्द से जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं।
इस हादसे में मृतकों की आयु 20 से 24 वर्ष के बीच बताई जा रही है। आसपास के इलाके में घटना से दहशत फैल गई और आशंका जताई जा रही है कि हताहतों की संख्या और बढ़ सकती है।
जानकारी के अनुसार इमारत के अंदर चल रहे एक कोचिंग सेंटर में आग लगने से पूरा परिसर तेजी से घने धुएं से भर गया और छात्रों और अन्य उपस्थित लोगों में अफरा-तफरी मच गई। जान बचाने की कोशिश में कुछ लोग ऊपरी मंजिलों और छत से कूद गए, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि दोपहर में सबसे पहले इमारत से धुआं उठता देखा गया और देखते ही देखते आग तेजी से फैल गई और पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। आग और धुएं से निकास मार्ग अवरुद्ध होने के कारण, घबराए हुए छात्र खिड़कियों और छत की ओर भागे। कुछ ने तो अपनी जान बचाने के लिए नीचे छलांग लगा दी।
दमकल, पुलिस और प्रशासन की कई टीमें मौके पर पहुंचीं। जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस आयुक्त सहित वरिष्ठ अधिकारी बचाव और राहत कार्यों की निगरानीके लिए मौके पर मौजूद थे।

