पटना: विदेश मंत्रालय के अधीन क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय (आरपीओ) पटना 24 जून 2026 को पूरे बिहार में पासपोर्ट सेवा दिवस 2026 मनाने जा रहा है। इस अवसर पर राज्यभर के पासपोर्ट सेवा केंद्रों और डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्रों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ ही नागरिकों को बेहतर, तेज, पारदर्शी और तकनीक आधारित सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में कई महत्वपूर्ण पहल भी की जा रही हैं।
बिहार के सभी 40 लोकसभा क्षेत्रों तक पहुंची पासपोर्ट सेवा
इस वर्ष पासपोर्ट सेवा दिवस का विशेष महत्व है क्योंकि बिहार के सभी 40 लोकसभा क्षेत्रों तक पासपोर्ट सेवाओं का नेटवर्क पहुंच चुका है। वर्तमान में राज्य में 2 पासपोर्ट सेवा केंद्र (PSK) और 38 डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्र (POPSK) संचालित हैं।
हाल ही में पश्चिम चंपारण के रामनगर में नए डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्र की शुरुआत के साथ यह लक्ष्य पूरा हुआ है। इससे अब राज्य के दूरदराज के क्षेत्रों के लोगों को भी पासपोर्ट सेवाएं आसानी से उपलब्ध हो सकेंगी।
डिजिलॉकर से दस्तावेज जमा करने वालों को मिलेगा फायदा
क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय ने एक बड़ा फैसला लेते हुए घोषणा की है कि 24 जून 2026 से जो आवेदक डिजिलॉकर के माध्यम से आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करेंगे, उन्हें पासपोर्ट सेवा केंद्रों में प्राथमिकता दी जाएगी। ऐसे आवेदनों का निस्तारण भी अपेक्षाकृत तेजी से किया जाएगा। यह कदम कागजरहित, सुरक्षित और पूरी तरह डिजिटल सेवा व्यवस्था को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उठाया गया है।
पांच साल में 64 प्रतिशत बढ़े पासपोर्ट आवेदन
बिहार में पासपोर्ट सेवाओं की मांग लगातार बढ़ रही है। आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2021 में जहां 2.74 लाख आवेदन प्राप्त हुए थे, वहीं 2025 में यह संख्या बढ़कर 4.51 लाख तक पहुंच गई। यानी पांच वर्षों में करीब 64.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इसी अवधि में जारी किए गए पासपोर्टों की संख्या भी 2.52 लाख से बढ़कर 4.20 लाख हो गई, जो 66.4 प्रतिशत वृद्धि को दर्शाती है। अधिकारियों का अनुमान है कि वर्ष 2026 में बिहार में लगभग 5 लाख पासपोर्ट आवेदनों का निस्तारण किया जा सकता है।
10 दिन में हो रहा पुलिस सत्यापन
पासपोर्ट जारी करने की प्रक्रिया में पुलिस सत्यापन अहम भूमिका निभाता है। आरपीओ पटना और बिहार पुलिस के बीच बेहतर समन्वय तथा नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रमों के कारण पुलिस सत्यापन की औसत अवधि घटकर लगभग 10 दिन रह गई है। इस उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए बिहार पुलिस को वर्ष 2025 में विदेश मंत्रालय द्वारा सम्मानित भी किया गया था।
‘पासपोर्ट आपके द्वार’ अभियान से हजारों लोगों को लाभ
विदेश मंत्रालय की महत्वाकांक्षी पहल “पासपोर्ट सेवा मोबाइल वैन शिविर – पासपोर्ट आपके द्वार” के तहत अप्रैल 2024 से अब तक बिहार के विभिन्न जिलों में 18 मोबाइल वैन शिविर लगाए जा चुके हैं।

इन शिविरों में एम्स पटना, नालंदा विश्वविद्यालय, आईआईएम बोधगया और भागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज जैसे प्रमुख संस्थानों में सेवाएं दी गईं। अब तक 2,500 से अधिक पासपोर्ट आवेदनों का निस्तारण इन विशेष शिविरों के माध्यम से किया जा चुका है।
सेल्फी बूथ और विशेष गतिविधियों का होगा आयोजन
पासपोर्ट सेवा दिवस को यादगार बनाने के लिए पटना स्थित मुख्यालय, पाटलिपुत्र पासपोर्ट सेवा केंद्र और दरभंगा पासपोर्ट सेवा केंद्र में विशेष Selfie Booth लगाए जाएंगे। साथ ही आवेदकों के लिए फीडबैक जोन भी बनाए जाएंगे, जहां वे अपने अनुभव साझा कर सकेंगे।
इस अवसर पर पासपोर्ट सेवा दिवस के स्मारक बैज भी वितरित किए जाएंगे और उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सम्मानित किया जाएगा।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने गिनाईं उपलब्धियां
नई दिल्ली में आयोजित क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारियों के सम्मेलन में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कहा कि भारत की पासपोर्ट सेवाएं अब विशेषाधिकार नहीं बल्कि एक नागरिक-केंद्रित, तकनीक आधारित और देशव्यापी सेवा बन चुकी हैं।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 में जहां देश में 77 पासपोर्ट सेवा केंद्र थे, वहीं आज इनकी संख्या बढ़कर 544 हो गई है। साथ ही ई-पासपोर्ट और पासपोर्ट सेवा कार्यक्रम (PSP) 2.0 जैसी नई तकनीकों ने सेवाओं को और अधिक आधुनिक बनाया है।
नागरिकों के लिए बढ़ रही सुविधाएं
ऑनलाइन आवेदन, डिजिटल दस्तावेज सत्यापन, सोशल मीडिया आधारित सहायता, पासपोर्ट अदालत, “मीट द आरपीओ” जैसे कार्यक्रमों और शिकायत निवारण की मजबूत व्यवस्था ने बिहार में पासपोर्ट सेवाओं को पहले से कहीं अधिक सरल और नागरिक-अनुकूल बना दिया है।
क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय पटना ने कहा है कि वह भविष्य में भी तकनीकी नवाचारों और बेहतर सेवा वितरण के माध्यम से नागरिकों को तेज, सुरक्षित और पारदर्शी पासपोर्ट सेवाएं उपलब्ध कराता रहेगा।

