Bihar News: बिहार में शहरी गरीबों के लिए पक्के घर का सपना अब और तेजी से साकार होता नजर आ रहा है। प्रधानमंत्री आवास (शहरी) योजना-2.0 के तहत राज्य सरकार ने लाभार्थियों के आवास निर्माण कार्य को गति देने के लिए 262.37 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है। यह राशि योजना के लाभार्थी आधारित निर्माण (BLC) घटक की 200 परियोजनाओं के लिए दूसरी किस्त के रूप में जारी की गई है।
नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि यह निर्णय राज्य के हजारों पात्र परिवारों को सम्मानजनक और सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य हर जरूरतमंद परिवार को पक्का घर उपलब्ध कराना है।
‘सबके लिए आवास’ के लक्ष्य की ओर बड़ा कदम
मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास (शहरी) योजना-2.0 केवल एक आवास योजना नहीं, बल्कि गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने का अभियान है। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर यह सुनिश्चित कर रही हैं कि शहरी क्षेत्रों में रहने वाला कोई भी पात्र परिवार आवास सुविधा से वंचित न रहे।
उन्होंने कहा कि योजना के माध्यम से हजारों परिवारों को स्थायित्व, सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन का अवसर मिलेगा।
2024 से शुरू हुई योजना, अब दिख रहा असर
प्रधानमंत्री आवास (शहरी) योजना-2.0 का शुभारंभ 1 सितंबर 2024 को किया गया था। योजना का मुख्य उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में रहने वाले आवासविहीन और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को मजबूत एवं सुरक्षित पक्का घर उपलब्ध कराना है।
इस योजना के तहत उन परिवारों को वित्तीय सहायता दी जाती है जिनके पास अपनी जमीन तो है, लेकिन आर्थिक संसाधनों की कमी के कारण वे घर नहीं बना पा रहे हैं।
BLC मॉडल से मिलेगा सीधा लाभ
योजना के लाभार्थी आधारित निर्माण (BLC) घटक के तहत पात्र परिवार अपनी उपलब्ध भूमि पर नया पक्का घर बना सकते हैं। सरकार द्वारा दी जाने वाली आर्थिक सहायता से निर्माण कार्य को आसान और तेज बनाया जा रहा है।
सरकार का मानना है कि इस मॉडल से जरूरतमंद परिवारों को सीधे लाभ मिलेगा और आवास निर्माण में पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी।
आधुनिक मानकों के अनुसार बनेंगे घर
योजना के तहत बनने वाले सभी आवास नेशनल बिल्डिंग कोड (NBC) के सुरक्षा एवं डिजाइन मानकों के अनुरूप तैयार किए जाएंगे। लाभार्थियों को न्यूनतम 30 वर्ग मीटर और अधिकतम 45 वर्ग मीटर कारपेट एरिया तक पक्का आवास निर्माण की अनुमति दी जाएगी।
इन घरों को सभी मौसमों के अनुकूल डिजाइन किया जाएगा ताकि परिवारों को सुरक्षित और सुविधाजनक आवास मिल सके।
हर घर में होगी जरूरी सुविधाएं
सरकार ने स्पष्ट किया है कि योजना के तहत बनने वाले प्रत्येक घर में कम-से-कम दो कमरे, एक रसोईघर, शौचालय और स्नानघर की व्यवस्था अनिवार्य रूप से होगी। इससे न केवल आवासीय सुविधाएं बेहतर होंगी, बल्कि स्वच्छता, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा को भी बढ़ावा मिलेगा।
पारदर्शिता और गुणवत्ता पर रहेगा विशेष फोकस
नगर विकास एवं आवास विभाग योजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश तैयार कर रहा है। इन गाइडलाइंस के माध्यम से निर्माण कार्य की गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित की जाएगी। सरकार का उद्देश्य है कि योजना का लाभ सही पात्र लोगों तक पहुंचे और आवास निर्माण कार्य तय समय सीमा के भीतर पूरा हो।

