Bihar News: बिहार सरकार के नगर विकास एवं आवास विभाग ने शिकायतों और आरोपों के मामलों में सख्त रुख अपनाते हुए अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया है कि अब किसी भी शिकायत के निपटारे में अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभागीय मंत्री नीतीश मिश्रा ने सोमवार को विभाग में लंबित शिकायतों, आरोपों और निगरानी से जुड़े मामलों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
जनप्रतिनिधियों की शिकायतों को मिलेगी प्राथमिकता
समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री ने कहा कि लोकसभा, राज्यसभा, विधानसभा और विधान परिषद के सदस्यों द्वारा उठाए गए मुद्दे सीधे जनता की समस्याओं और अपेक्षाओं से जुड़े होते हैं। ऐसे मामलों के निपटारे में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनप्रतिनिधियों से प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।
बनेगी नई SOP, तय होगी जवाबदेही
मंत्री ने शिकायतों के प्रभावी निपटारे के लिए स्पष्ट और मजबूत स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) तैयार करने का निर्देश दिया। उनका कहना था कि एक सुव्यवस्थित प्रक्रिया से शिकायतों के समाधान में पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों बढ़ेंगी। उन्होंने कहा कि हर शिकायत का निष्पक्ष और निर्धारित समय सीमा के भीतर समाधान सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
‘फास्ट ट्रैक जांच, फास्ट ट्रैक कार्रवाई’ का मंत्र
नीतीश मिश्रा ने विभागीय अधिकारियों को लंबित मामलों की गहन समीक्षा कर उन्हें जल्द से जल्द निपटाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि शिकायतों और आरोपों की जांच प्रक्रिया को फास्ट ट्रैक मोड में संचालित किया जाए ताकि दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ तत्काल और नियमानुसार कार्रवाई हो सके। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विभाग में भ्रष्टाचार, लापरवाही और नियमों के उल्लंघन के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति लागू रहेगी।
दोषी पर कार्रवाई, ईमानदार अधिकारियों को मिलेगा संरक्षण
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष, तथ्यपरक और पारदर्शी होनी चाहिए। जहां आरोप सही पाए जाएं वहां कठोर कार्रवाई की जाए, वहीं झूठी और निराधार शिकायतों की भी गंभीरता से समीक्षा हो।
उन्होंने कहा कि ईमानदारी और समर्पण के साथ काम करने वाले अधिकारियों का मनोबल बनाए रखना भी सुशासन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। अच्छे कार्य करने वाले अधिकारियों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
सुशासन और पारदर्शिता पर जोर
बैठक में मंत्री ने कहा कि जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए विभागीय कार्यप्रणाली में जवाबदेही, संवेदनशीलता और पारदर्शिता बेहद जरूरी है। शिकायतों के त्वरित समाधान से न केवल प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत होगी बल्कि आम लोगों का भरोसा भी बढ़ेगा।
उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिकायत निवारण प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाया जाए तथा जनता और जनप्रतिनिधियों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए पूरी गंभीरता से कार्य किया जाए।
सरकार का स्पष्ट संदेश
इस समीक्षा बैठक के जरिए सरकार ने साफ संकेत दिया है कि प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर अब सख्ती बढ़ेगी। लंबित शिकायतों का जल्द निपटारा, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई और पारदर्शी जांच प्रक्रिया विभाग की प्राथमिकता होगी।

