पटना: विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सूचना एवं जनसंपर्क विभाग तथा ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री सह जदयू विधायक दल के नेता श्रवण कुमार ने राज्यवासियों को शुभकामनाएं देते हुए पर्यावरण संरक्षण को समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया। उन्होंने कहा कि स्वच्छ और स्वस्थ पर्यावरण केवल वर्तमान पीढ़ी के लिए ही नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की आधारशिला है।
मंत्री ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी कार्यक्रमों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इसे जनभागीदारी का व्यापक अभियान बनाया जाना चाहिए। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने और लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल का संकल्प लेने की अपील की।
पेड़ सिर्फ हरियाली नहीं, भविष्य की सुरक्षा हैं
श्रवण कुमार ने कहा कि एक पेड़ केवल पर्यावरण को संरक्षित करने का माध्यम नहीं होता, बल्कि वह आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ हवा, शुद्ध जल और बेहतर जीवन भी प्रदान करता है। तेजी से बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच वृक्षारोपण और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गया है।
उन्होंने कहा कि केवल पौधे लगाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके संरक्षण और संवर्धन की जिम्मेदारी भी समाज को मिलकर निभानी होगी। तभी पर्यावरण संरक्षण की दिशा में वास्तविक बदलाव संभव हो सकेगा।
‘जल-जीवन-हरियाली’ अभियान का किया उल्लेख
मंत्री ने कहा कि बिहार में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा शुरू किया गया ‘जल-जीवन-हरियाली’ अभियान एक महत्वपूर्ण पहल रही है। इस अभियान ने जल संरक्षण, हरित आवरण बढ़ाने और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने की दिशा में व्यापक जनजागरूकता पैदा की।
उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार भी पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास के लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयासरत है। राज्य के नागरिकों को इन अभियानों से जुड़कर स्वच्छ और हरित बिहार के निर्माण में योगदान देना चाहिए।
प्रकृति संरक्षण को बनाएं जन आंदोलन
विश्व पर्यावरण दिवस पर अपने संदेश में श्रवण कुमार ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण किसी एक विभाग या संस्था का कार्य नहीं है। इसके लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। यदि हर नागरिक प्रकृति संरक्षण का संकल्प ले और अपने आसपास हरियाली बढ़ाने का प्रयास करे, तो आने वाले समय में पर्यावरणीय चुनौतियों का प्रभाव काफी हद तक कम किया जा सकता है।
उन्होंने लोगों से पर्यावरण संरक्षण के संदेश को घर-घर तक पहुंचाने और स्वच्छ, हरित तथा समृद्ध बिहार के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।

