Bihar News:बिहार के अस्पतालों में बड़ा बदलाव! स्वास्थ्य मंत्री निशांत का आदेश, हर मरीज को मिलेगा समय पर इलाज

0
13

Bihar News: बिहार सरकार ने राज्य के स्वास्थ्य संस्थानों में मरीजों को बेहतर और समयबद्ध चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए बड़ा कदम उठाया है। स्वास्थ्य मंत्री निशांत की अध्यक्षता में सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में राज्य के सभी प्रमंडलों के क्षेत्रीय अपर निदेशक, सभी जिलों के सिविल सर्जन और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, अस्पतालों की व्यवस्थाओं और विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट कहा कि मरीजों को गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

अस्पतालों में मजबूत होगी “May I Help You” व्यवस्था

स्वास्थ्य मंत्री ने निर्देश दिया कि सभी अस्पतालों में मरीजों और उनके परिजनों की सुविधा के लिए “May I Help You” हेल्प डेस्क को और प्रभावी बनाया जाए।

इसके साथ ही ओपीडी में बढ़ती मरीज संख्या को देखते हुए पर्याप्त पंजीकरण काउंटर, टोकन डिस्प्ले सिस्टम के माध्यम से कतार प्रबंधन और रेडियोलॉजी, पैथोलॉजी तथा दवा वितरण केंद्रों पर सुचारु सेवाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

15 जुलाई से और प्रभावी होगी रेफरल प्रणाली

बैठक में जिला अस्पतालों की कार्यप्रणाली को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने कहा कि 15 जुलाई से रेफरल सिस्टम को और अधिक प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मरीजों को अधिकतम संभव उपचार जिला और स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध कराया जाए। केवल जटिल मामलों में ही मरीजों को उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफर किया जाए, ताकि लोगों को समय पर और गुणवत्तापूर्ण इलाज मिल सके।

डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की 100% उपस्थिति सुनिश्चित करने का आदेश

स्वास्थ्य मंत्री ने सभी सिविल सर्जनों को निर्देश दिया कि अस्पतालों में चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित की जाए।

ड्यूटी रोस्टर के अनुसार सेवाएं उपलब्ध कराने और सभी डॉक्टरों एवं पैरामेडिकल कर्मियों का हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्री (HPR) तैयार कर उसे BHAVYA पोर्टल से जोड़ने का निर्देश भी दिया गया।

अस्पतालों में होगी नियमित औचक जांच

स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए राज्य और जिला स्तर की टीमों को नियमित औचक निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया है।

सरकार चाहती है कि अस्पतालों में मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं, डॉक्टरों की उपलब्धता और व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी हो, ताकि किसी भी प्रकार की लापरवाही पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।

दवा, जांच और साफ-सफाई पर विशेष फोकस

बैठक में स्वास्थ्य मंत्री ने सभी सिविल सर्जनों को निर्देश दिया कि जिला और प्रखंड स्तर के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

साथ ही चिकित्सीय उपकरणों की कार्यशीलता, ओपीडी, आईपीडी, वार्ड, शौचालय और अस्पताल परिसर की नियमित साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।

अस्पतालों में दलालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई

मरीजों और उनके परिजनों को गुमराह करने वाले बिचौलियों और दलालों के खिलाफ भी सरकार ने सख्त रुख अपनाया है।

स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि ऐसे तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

डिजिटल हेल्थ सेवाओं को मिलेगा बढ़ावा

बैठक में डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। स्वास्थ्य मंत्री ने निर्देश दिया कि सभी मरीजों का ABHA आधारित ओपीडी पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए।

इससे मरीजों के इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संरक्षित किया जा सकेगा तथा भविष्य में उपचार प्रक्रिया और अधिक आसान होगी।

सात निश्चय-3 के तहत स्वास्थ्य ढांचे का होगा विस्तार

सरकार सात निश्चय पार्ट-3 के तहत स्वास्थ्य अवसंरचना को और मजबूत बनाने की दिशा में भी तेजी से काम कर रही है।

स्वास्थ्य मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिला अस्पतालों को अतिविशिष्ट चिकित्सा केंद्र और राज्य के 332 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) को विशिष्ट चिकित्सा केंद्र के रूप में विकसित करने की प्रक्रिया तय समयसीमा के भीतर पूरी की जाए।

बैठक के अंत में स्वास्थ्य मंत्री ने दोहराया कि सरकार का लक्ष्य राज्य के हर नागरिक तक बेहतर, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है और इस दिशा में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here