स्किन पर बार-बार लाल चकत्ते दिखना या छोटे-छोटे लाल धब्बे उभरना कई लोग सामान्य एलर्जी या मौसम का असर समझकर नजरअंदाज कर देते हैं।लेकिन डॉक्टरों के मुताबिक, अगर ये निशान लंबे समय तक बने रहें और इलाज के बाद भी ठीक न हों, तो इन्हें हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है।कई मामलों में यह ब्लड कैंसर यानी ल्यूकेमिया का शुरुआती संकेत भी हो सकता है।ऐसे में समय रहते सीबीसी यानी कम्प्लीट ब्लड काउंट टेस्ट कराना बेहद जरूरी माना जाता है।
यूके ब्लड कैंसर संस्थान की रिपोर्ट के अनुसार, ब्लड कैंसर हड्डियों के भीतर मौजूद बोन मैरो में शुरू होता है, जहां खून की सेल्स बनती हैं। जब खून बनाने वाली सेल्स के डीएनए में बदलाव होने लगते हैं, तो असामान्य व्हाइट ब्लड सेल्स तेजी से बढ़ने लगती हैं। धीरे-धीरे ये स्वस्थ रक्त कोशिकाओं की जगह लेने लगती हैं, जिससे शरीर की सामान्य काम करने की क्षमता प्रभावित होने लगती है।
एक्सपर्ट के अनुसार, ब्लड कैंसर के लक्षण हर व्यक्ति में अलग हो सकते हैं।लेकिन त्वचा पर दिखाई देने वाले लाल चकत्ते, बैंगनी धब्बे या बिना चोट के नीले निशान इसके अहम संकेतों में शामिल हैं। कई बार ये छोटे-छोटे लाल बिंदुओं की तरह नजर आते हैं, जिन्हें पेटीकीए कहा जाता है।कुछ लोगों में बड़े लाल या बैंगनी पैच भी दिखाई दे सकते हैं।खास बात यह है कि इन निशानों पर दबाव डालने के बाद भी इनका रंग फीका नहीं पड़ता।
डॉक्टरों का कहना है कि ब्लड कैंसर में शरीर में प्लेटलेट्स की संख्या कम होने लगती है, जिससे खून का थक्का बनने की प्रक्रिया प्रभावित होती है।यही वजह है कि त्वचा पर अचानक लाल या बैंगनी निशान उभरने लगते हैं। इसके अलावा बार-बार बुखार आना, अत्यधिक थकान, सांस फूलना, बिना वजह वजन घटना, रात में ज्यादा पसीना आना और शरीर में गांठ महसूस होना भी गंभीर संकेत हो सकते हैं।
एक्सपर्ट के अनुसार, ब्लड कैंसर के लक्षण हर व्यक्ति में अलग हो सकते हैं। लेकिन त्वचा पर दिखाई देने वाले लाल चकत्ते, बैंगनी धब्बे या बिना चोट के नीले निशान इसके अहम संकेतों में शामिल हैं।कई बार ये छोटे-छोटे लाल बिंदुओं की तरह नजर आते हैं, जिन्हें पेटीकीए कहा जाता है।कुछ लोगों में बड़े लाल या बैंगनी पैच भी दिखाई दे सकते हैं। खास बात यह है कि इन निशानों पर दबाव डालने के बाद भी इनका रंग फीका नहीं पड़ता।
डॉक्टरों का कहना है कि ब्लड कैंसर में शरीर में प्लेटलेट्स की संख्या कम होने लगती है, जिससे खून का थक्का बनने की प्रक्रिया प्रभावित होती है। यही वजह है कि त्वचा पर अचानक लाल या बैंगनी निशान उभरने लगते हैं।इसके अलावा बार-बार बुखार आना, अत्यधिक थकान, सांस फूलना, बिना वजह वजन घटना, रात में ज्यादा पसीना आना और शरीर में गांठ महसूस होना भी गंभीर संकेत हो सकते हैं।
विशेषज्ञ मानते हैं कि कई लोग इन लक्षणों को सामान्य कमजोरी, एलर्जी या संक्रमण समझकर महीनों तक नजरअंदाज करते रहते हैं। जबकि शुरुआती जांच बीमारी को जल्दी पकड़ने में मदद कर सकती है।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि हर लाल चकत्ता ब्लड कैंसर का संकेत नहीं होता, लेकिन अगर त्वचा पर बार-बार निशान दिखें, लगातार खुजली रहे या शरीर में असामान्य बदलाव महसूस हों, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। एक्सपर्ट का कहना है कि समय पर जांच और सही इलाज से ब्लड कैंसर के इलाज की संभावना काफी बेहतर हो सकती है।

