झारखंड की नाबालिग से हरियाणा में हैवानियत, लोहे की गर्म चिमटे से दागा जाता था शरीर

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  • बीरेंद्र कुमार झा

हरियाणा के गुरुग्राम में पिछले दिनों नाबालिग बच्ची को कथित रूप से प्रताड़ित करने और उसका यौन शोषण करने का मामला सामने आया था, जिसके बाद वहां भारी बवाल हुआ था। नाबालिग बच्ची इस समय अस्पताल में भर्ती है। केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री अर्जुन मुंडा ने हरियाणा पहुंचकर इलाजरत बच्ची से मुलाकात की। उन्होंने घटना को दुखदाई बताया और कहा कि बच्ची को हर संभव मदद दी जाएगी।

लड़की को बचाया गया आरोपी दंपत्ति गिरफ्तार

गुरुग्राम के एसपी प्रीतपाल सांगवान ने बताया कि हमें एक नाबालिग लड़की को एक जोड़ी के जोड़े के द्वारा बंदी बनाए जाने, प्रताड़ित करने और घर का काम करने के बारे में जानकारी मिली थी । लड़की को बचा लिया गया है और आरोपी दंपत्ति को गिरफ्तार कर लिया गया है। आगे जांच की कार्यवाही चल रही है।

पीड़ित नाबालिग की बेहतरी के लिए काम करेगा जनजातीय मामलों का मंत्रालय

केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि आज मैंने उस आदिवासी लड़की को देखा जिसे बचाया गया और अस्पताल में भर्ती कराया गया। उसे गुरुग्राम की एक कपल ने प्रताड़ित किया था जो बहुत दुखदाई है। आदिवासी लड़कियां घरेलू कामगार के रूप में काम करने आती है और उनके साथ ऐसा व्यवहार किया जाता है। उन्होंने आगे कहा कि डॉक्टरों के मुताबिक बच्ची को बिगड़ी हालत में लाया गया था, वह 15 वर्ष की है।जनजाति छात्रों के लिए राष्ट्रीय शिक्षा सोसायटी के हमारे मंत्री यहां हैं।जनजातीय मामलों का मंत्रालय उसकी बेहतरी के लिए क्या-क्या जा सकता है, इस पर काम करेगा।

नाबालिग को प्रताड़ित करने वाले दंपत्ति को नौकरी से धोना पड़ा हाथ

गुरुग्राम में नाबालिग घरेलू सहायिका को कथित रूप से प्रताड़ित करने और उसका यौन शोषण करने के आरोप में गिरफ्तार दंपत्ति को उसके नियोक्ताओं ने नौकरी से निकाल दिया है। आरोपी महिला एक जनसंपर्क कंपनी में काम करती थी जबकि उसका पति एक बीमा कंपनी में कार्यरत था। दोनों के नियुक्तियों ने ट्वीट कर उन्हें नौकरी से निकाले जाने की सार्वजनिक घोषणा की है।

झारखंड की है बच्ची

पुलिस के साथ मिलकर लड़की को आरोपी दंपत्ति के चंगुल से मुक्त कराने वाली सखी केंद्र की प्रभारी के अनुसार यह लड़की झारखंड की राजधानी रांची की रहने वाली है जिसे एक प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से काम पर रखा गया था आरोपी दंपत्ति उससे बहुत ज्यादा काम करवाते थे और रोजाना बेहद बेरहमी से उसे पीटते थे। पुलिस ने बुधवार को न्यू कॉलोनी निवासी मनीष खट्टर और उसकी पत्नी कमलजीत कौर को गिरफ्तार करने के बाद कहा था कि घरेलू सहायिका के हाथ पैर और चेहरे पर चोट के कई निशान मिले हैं।

बच्ची को लोहे के गर्म चिमटे से दागा जाता था।

लड़की को मुक्त कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली सखी केंद्र की प्रभारी पिंकी मलिक ने दावा किया कि दंपत्ति पीड़ित किशोरी को पूरी रात सोने नहीं देते थे और उसे खाना भी नहीं देते थे। उन्होंने बताया की लड़की से मुलाकात के वक्त उसका चेहरा पूरी तरह से सूजा हुआ था जबकि शरीर पर हर जगह चोट के निशान थे। प्राथमिकी के अनुसार पीड़िता ने बताया कि 5 महीने पहले उसका एक रिश्तेदार उसे खट्टर के फ्लैट पर छोड़ गया था, जहां खट्टर अपनी पत्नी और बेटी के साथ रहते हैं।यहां उसे अपमानित किया जाता जाता था। उसे प्रताड़ित करने के लिए कथित तौर पर गर्म लोहे के चिमटा का इस्तेमाल किया जाता था। प्राथमिकी के मुताबिक खट्टर उसे निर्वत्र कर उसके गुप्तांगों पर भी चोट पहुंचाता था।पीड़िता ने बताया की इस दंपत्ति ने उसे अपने घर में कैद कर किया था और उसे अपने परिवार से बात भी नहीं करने देते थे।

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