Bihar News: मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में पुराना सचिवालय स्थित सभागार में 40वीं राज्य स्तरीय समन्वय समिति (SLCC) की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर, विशेष सचिव मुकेश कुमार लाल और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के क्षेत्रीय निदेशक सुजीत कुमार अरविंद सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में राज्य में वित्तीय सुरक्षा, जाली नोट और धोखाधड़ी से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
सीमावर्ती क्षेत्रों में सख्ती, जाली नोट पर रोक की तैयारी
बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने भारत-नेपाल सीमा से सटे क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन इलाकों की बैंक शाखाओं में नोट सॉर्टिंग मशीन अनिवार्य रूप से लगाई जाए ताकि जाली नोटों के प्रसार को प्रभावी रूप से रोका जा सके। साथ ही निगरानी तंत्र को मजबूत करने और आम लोगों की सुविधा के लिए अधिक संख्या में करेंसी एक्सचेंज केंद्र स्थापित करने पर भी जोर दिया गया।
सहकारी बैंकों में पारदर्शिता बढ़ाने पर जोर

राज्य के सहकारी बैंकों की कार्यप्रणाली को लेकर भी बैठक में गंभीर चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि इन बैंकों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित की जाएं, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी को समय रहते रोका जा सके।
BUDS और BPID कानूनों के क्रियान्वयन की समीक्षा
बैठक में ‘बैनिंग ऑफ अनरेगुलेटेड डिपॉजिट स्कीम्स (BUDS) एक्ट 2019’ और ‘बिहार प्रोटेक्शन ऑफ इंटरेस्ट्स ऑफ डिपॉजिटर्स (BPID) एक्ट 2002’ के कार्यान्वयन की स्थिति की समीक्षा की गई। आर्थिक अपराध इकाई (EOU) को निर्देश दिया गया कि दोषी संस्थाओं के खिलाफ त्वरित और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि निवेशकों के हितों की रक्षा हो सके।
RBI का अलर्ट: 1600 नंबर से ही आएंगी बैंक कॉल
भारतीय रिजर्व बैंक के क्षेत्रीय निदेशक ने आम जनता को सतर्क करते हुए बताया कि अब बैंकों से आने वाली असली कॉल 1600 से शुरू होने वाले नंबरों से ही आएंगी। इसके अलावा बैंक की आधिकारिक वेबसाइट की पहचान के लिए यह जरूरी है कि उसके लिंक के अंत में ‘.in’ हो, जिससे लोग असली और फर्जी वेबसाइट में अंतर कर सकें।
AI से होगी डिजिटल फ्रॉड की पहचान
डिजिटल धोखाधड़ी को रोकने के लिए RBI ने ‘डिजिटल पेमेंट्स इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म (DPIP)’ की जानकारी दी। यह प्लेटफॉर्म आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से रियल टाइम में संदिग्ध लेन-देन की पहचान कर उसे फ्लैग करता है, जिससे समय रहते कार्रवाई संभव हो पाती है।
फर्जी कंपनियों और लोन ऐप्स पर कार्रवाई तेज
बैठक में जानकारी दी गई कि ‘पूर्णोदय निधि लिमिटेड’ के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। वहीं ‘नाइट्रोफिन फाइनेंशियल’ जैसे अवैध लोन ऐप्स को साइबर सेल द्वारा हटाया गया है। इसके अलावा ‘सम्रद्ध बेस्टविन माइक्रो फाइनेंस’ जैसी संस्थाओं पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
जागरूकता अभियान से लोगों को किया जा रहा सतर्क
वित्त विभाग और RBI की ओर से सोशल मीडिया, रेडियो जिंगल्स (मैथिली और भोजपुरी) और समाचार पत्रों के माध्यम से लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, ताकि लोग वित्तीय धोखाधड़ी से बच सकें।
बेहतर समन्वय से सुरक्षित होगी जनता की जमा राशि
बैठक के अंत में मुख्य सचिव ने सभी विभागों को आपसी समन्वय और सूचना साझा करने की प्रक्रिया को मजबूत करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सभी एजेंसियां मिलकर काम करें, ताकि राज्य के नागरिकों की जमा पूंजी पूरी तरह सुरक्षित रह सके।

