न्यूज़ डेस्क
किसानो का दिल्ली चला का नारा गूंज रहा है और देश के कोने कोने से किसान दिल्ली की तरफ बढ़ते जा रहे हैं। उधर सरकार ने दिल्ली की सभी सीमाओं को बंद कर रखा है और हजारों पुलिस जवानों को तैनात किया गया है। किसान दिल्ली में प्रवेश न करे इसके लिए हर तरह के उपाय किये गए हैं। लेकिन किसान रुकने को तैयार नहीं।
आलम ये है कि दिल्ली के सभी बॉर्डर अब जाम में तब्दील हो गए हैं। स्पीड पर ब्रेक लग गया है और पैदल चलना भी मुश्किल होता जा रहा है। सोमवार को चंडीगढ़ में तीन केंद्रीय मंत्रियों और किसान नेताओं के बीच हुई बैठक में कोई नतीजा नहीं निकला। जिसके बाद किसानों ने दिल्ली कूच की घोषणा कर दी।मंगलवार को अंबाला के शंभू बॉर्डर पर किसानों के ट्रैक्टर पहुंचने शुरू हो गए। हालांकि वहां पुलिस ने भारी भरकम बैरिकेडिंग की हुई है। साथ ही भारी सुरक्षाबल भी तैनात किया गया है। रास्ते में पुलिस ने कील बिछा दी हैं। हाईवे पर दीवारें बनाई हैं, इसके साथ ही बड़े-बड़े बोल्डर भी रख दिए हैं। ताकी किसान देश की राजधानी दिल्ली में न पहुंच पाए।
वहीं, इसका असर आम जनता पर भी पड़ रहा है। किसानों के दिल्ली पहुंचने से पहले ही शंभू, टिकरी और सिंघू बॉर्डर के अलावा गाजीपुर सीमा पर जाम लगना शुरू हो गया है। दिल्ली-मेरठ हाईवे पर एक किलोमीटर लंबा जाम लगा है। एनएच नौ पर बैरिकेडिंग की वजह से भीषण जाम लगा है। इस वजह से वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
दिल्ली-नोएडा के चिल्ला बॉर्डर पर भी लंबा ट्रैफिक जाम है। दिल्ली के कालंदीकुंज बॉर्डर पर भी भीषण जाम लगा है। उधर, किसानों का ‘दिल्ली चलो’ मार्च के बीच दिल्ली-गुरुग्राम सीमा पर यातायात प्रभावित हो रहा है। यहां लंबा जाम लगा है। दिल्ली पुलिस ने सिरहोल बार्डर पर किसानों के कूच को देखते हुए सुबह नाका लगाया है, इसलिए जमा लगा है इस बीच, किसान आंदोलन के चलते केंद्रीय सचिवालय मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-2 को शाम तक बंद कर दिया गया है। आंदोलन के आह्वान के मद्देनजर दिल्ली में कई स्थानों पर सुरक्षा तैनात की गई है। पूरी दिल्ली में धारा 144 लागू कर दी गई है।
गाजियाबाद से दिल्ली की तरफ जाने वाले रास्ते पर यूपी गेट पर पूरी तरीके से बैरिकेडिंग लगा दी गई है, आम जनता को आगे नहीं जाने दिया जा रहा है। लोगों को मयूर विहार के रास्ते लगभग तीन किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी कर करके गाजियाबाद की तरफ जाना पड़ रहा है। अभी ऊपर के फ्लाईओवर वाले रास्ते को बंद नहीं किया गया है, स्थिति को देखकर ही ऊपर का रास्ता भी बंद किया जा सकता है।

