बीरेंद्र कुमार झा
2024 के लिए बीजेपी ने अपना चुनावी एजेंडा लगभग फाइनल कर लिया है। 2019 में मंदिर मुद्दा होल्ड करने की वजह यही थी। मध्य प्रदेश चुनाव कैंपेन में योगी आदित्यनाथ और अमित शाह के भाषण इस ओर इशारा करते हैं।
मध्य प्रदेश को बीजेपी ने बनाया है चुनावी प्रयोगशाल
बीजेपी ने मध्य प्रदेश चुनाव को बीजेपी की प्रयोगशाला बनाया है। यह प्रयोगशाला 2024 के लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए बनाई गई है। तभी तो मंत्री और सांसद और बड़े नेताओं को टिकट देकर भाजपा ने चुनाव में उतार दिया है। 3 दिसंबर तक सबको मालूम हो जाएगा कि बीजेपी के कद्दावर माने जाने वाले ये नेता अभी कितने पानी में है।
बीजेपी पहले भी कर चुकी ऐसे प्रयोग
मध्य प्रदेश से पहले बीजेपी ने से प्रयोग पश्चिम बंगाल उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में भी किए थे। राजस्थान में भी बीजेपी अपनी योजनाओं में से बहुत सारी योजनाओं का प्रयोग कर चुकी है और कई योजनाओं का अगले आम चुनाव के हिसाब से परीक्षण की तैयारी कर रही है। 2019 के आम चुनाव से पहले वीएचपी और संघ की पहल पर बीजेपी ने मंदिर मुद्दा होल्ड कर लिया था, लेकिन इस बार यह इसे प्रमुख मुद्दा बनाने की पूरी तैयारी जुट गई है।
पूरे देश को अयोध्या में तब्दील करने की तैयारी
अभी पिछले ही महीने गुजरात के भुज में संघ की बैठक में तीन दिन तक व्यापक विचार विमर्श हुआ। इस बैठक में सबसे ज्यादा जिस मुद्दे पर बात हुई वह अयोध्या के राम मंदिर में मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम का प्रचार प्रसार रहा।बैठक के बाद आरएसएस के राष्ट्रीय प्रचार प्रमुख सुनील अंबेडकर ने बताया की यह त्यौहार का अवसर होगा।हर कोई अयोध्या नहीं जा पाएगा। ऐसे लोग अपने नजदीकी मंदिरों में जाकर इस त्यौहार को मनाएंगे ।रात के समय सभी को अपने घरों पर दीपक जलाना चाहिए। ऐसी अपील संघ की तरफ से की जा रही है । गौरतलब है की 1 जनवरी से 15 जनवरी 2024 तक घर-घर अक्षत वितरण कार्यक्रम चलेगा और 5 करोड़ घरों में दीपक जलाने का लक्ष्य रखा गया है। ठीक वैसे ही 5 लाख से ज्यादा मंदिरों में ऐसे कार्यक्रमों की योजना बनी है जिससे पूरे देश में अयोध्या ही अयोध्या नजर आने लगे।
राम मंदिर के चुनावी मुद्दा से कांग्रेस पर प्रहार
मध्य प्रदेश चुनाव में स्टार प्रचारक योगी आदित्यनाथ खासतौर पर अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की बात करते हैं और कहते हैं कि अगर देश में कांग्रेस की सरकार होती तो अयोध्या में राम मंदिर नहीं बन पाता। योगी हर जगह लोगों को समझ रहे हैं यह कांग्रेस को उखाड़ फेंके और बीजेपी की सरकार बनाएं ,ताकि बीजेपी विधायक उन लोगों को अयोध्या दर्शन के लिए ले जा सकें। ग्वालियर की रैली में योगी आदित्यनाथ ने कहा जब हम जात-पात से ऊपर उठकर काम करते हैं। तो परिणाम भी वैसे ही मिलते हैं। कहते हैं कि डबल इंजन सरकार का लाभ देश को आस्था के रूप में मिल रहा है।आप देखिए काशी विश्वनाथ धाम क्या कांग्रेस बना पाती ?क्या अयोध्या में राम मंदिर की समस्या का समाधान कांग्रेस कर पाती? उन्होंने समस्या दी थी डबल इंजन की सरकार ने समाधान दिया है।
विपक्षी गठबंधन इंडिया के जातिगत जनगणना की काट
बीजेपी के राम मंदिर को मुद्दा बनाए जाने की एक बड़ी वजह विपक्षी दलों की तरफ से हो रही जातिगत जनगणना की मांग भी है। इस बार जातिगत जनगणना बीजेपी के लिए चुनौती बन रही है। विपक्ष इंडिया गठबंधन का जो भी हाल हो ,मजबूती से खड़ा हो पाए या पहले ही लुढ़क जाए, लेकिन क्षेत्रीय दलों ने तो अपनी तैयारी शुरू कर दी है। समाजवादी पार्टी और आरजेडी जैसी पार्टियों ने चुनाव को पिछड़े वर्ग पर फोकस करने का फैसला लिया है। ऐसा प्रयास कांग्रेस की तरफ से भी हो रहा है,लेकिन क्षेत्रीय दलों को जितना फायदा मिलेगा, कांग्रेस को उतना मिल पाएगा, ऐसा नहीं लगता।कम से कम अभी तो ऐसी स्थिति में बीजेपी समझ चुकी है कि विपक्ष की तैयारी मंडल बनाम कमंडल बनाने की है।
वैसे तो बीजेपी जातिगत गणना को काउंटर करने के लिए ओबीसी सर्वे की तैयारी कर रही है,लेकिन राम मंदिर ऐसा मुद्दा है जो हिंदू धर्म की सभी जातियों को ज्यादातर स्थितियों में एकजुट बनाए रखने की ताकत रखता है।
तस्वीरों की जगह साक्षात दिखेंगे रामलला
वैसे तो बीजेपी पहले के मुकाबले हर तरीके से मजबूत हुई है। मंदिर आंदोलन को पहले जहां तस्वीरों के माध्यम से दिखाने की कोशिश होती थी,वह अब साक्षात बनकर तैयार हो रहा है।चुनाव की घोषणा होने से बहुत पहले ही यह आम लोगों के लिए खुल चुका होगा। 5 साल पहले आम चुनाव के बाद अयोध्या केस में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया था। इसके साल भर बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योगी आदित्यनाथ के साथ भूमि पूजन किया था।अब लोकसभा चुनाव के ठीक पहले रमालला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा करने जा रहे हैं। इसके अलावा बीजेपी विकास के कार्यों यथा चंद्रयान ,गगनयान और खिलाड़ियों की सफलता को भी अपने पक्ष में भुनाने का प्रयास करेगी।

