अखिलेश अखिल
इस बात की सम्भावना बहुत ज्यादा बढ़ गई है कि दक्षिण भारत की एक और पार्टी वाईएसआर तेलंगाना पार्टी जिसकी मुखिया वाईएसआर शर्मीला हैं ,बाहत जल्द ही इंडिया गठबंधन के साथ जुड़ सकती हैं। शर्मीला की पार्टी तेलंगाना तक ही सिमित है लेकिन तेलंगाना के कई इलाकों में इसके काफी प्रभाव भी माने जाते हैं।बता दे कि शर्मीला आंधत्रप्रदेश के मुख्यमंत्री जगन रेड्डी की बहन है और वह तेलंगाना की राजनीति करती है और अपने पिता वाईएसआर की राजनीति को आगे बढ़ा रही है। वाईएसआर कांग्रेस के बड़े नेताओं में शुमार रहे हैं और वे आँध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री भी थे।
शर्मीला के साथ कांग्रेस नेता राहुल गाँधी की कई बार मुलाकात भी हो चुकी है इसके साथ ही कर्नाटक के नेता डी के शिवकुमार के साथ भी शर्मिला की बातें लगातार हो रही है। अब खुद शर्मिला ने ही कहा है कि अब जल्द ही पार्टी इस बात पर निर्णय लेने को तैयार है कि उसे आगे क्या करना है। शर्मिला ने कहा है कि चुनाव की तारीखे अब नजदीक आ रही है और हमें फैशला लेने की जरूरत है। हम कांग्रेस के साथ जाना चाहते हैं लेकिन कुछ शर्ते भी हैं। अगर सब कुछ ठीक रहता है तो गठबंधन के तहत ही हम चुनाव लड़ेंगे बरना हम सूबे की सभी 119 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे।
वाईएस शर्मिला ने कहा, ”आज पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ मीटिंग के दौरान आगामी तेलंगाना विधानसभा चुनाव से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर चर्चा की गई। ”
वाईएस शर्मिला ने मीटिंग के बाद कांग्रेस को लेकर कहा, ”कांग्रेस के साथ चुनाव लड़ने की किसी भी संभावना को सितंबर के अंत तक अंतिम रूप दिया जाएगा क्योंकि नोटिफिकेशन का समय तेजी से नजदीक आ रहा है। ”
वाईएस शर्मिला ने आगे कहा कि वो राज्य की सभी विधानसभा सीटों का दौरा अक्टूबर के दूसरे हफ्ते में शुरू करेंगी। हमनें मीटिंग के दौरान पार्टी वर्करों को आश्वासन दिया है कि उनके हितों की रक्षा की जाएगी। बता दें कि इस समय तेलंगाना में केसीआर के नेतृत्व में भारत राष्ट्र समिति की सरकार है।
उधर ,तमिलनाडु में बीजेपी कोआज बड़ा झटका लगा है। ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम ने आज बीजेपी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन से गठबंधन तोड़ने का ऐलान किया। इस संबंध में पार्टी ने प्रस्ताव पारित किया है। अन्नाद्रमुक नेताओं की बैठक के बाद पार्टी के उप समन्वयक के पी मुनुसामी ने कहा, “एआईएडीएमके आज से बीजेपी और एनडीए से सभी रिश्ते तोड़ रही है।”
पार्टी ने कहा, “बीजेपी का राज्य नेतृत्व पिछले एक साल से लगातार हमारे पूर्व नेताओं, हमारे महासचिव ईपीएस और हमारे कार्यकर्ताओं पर अनावश्यक टिप्पणी कर रहा है। आज की बैठक में यह प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया। “
खबर के मुताबिक, एआईएडीएमके ने कहा कि वह 2024 के लोकसभा चुनाव में एक अलग मोर्चे का नेतृत्व करेगी। दरअसल इस समय में दो प्रमुख गठबंधन है। इसमें एक बीजेपी के नेतृत्व वाला एनडीए है तो दूसरा कांग्रेस, टीएमसी और आम आदमी पार्टी सहित 28 दलों वाला विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ है। अब इस बात की सम्भावना भी बढ़ती जा रही है कि लोकसभा चुनाव से पहले एक तीसरा मोर्चा भी खड़ा हो सकता है जिसमे कई निर्गुट दल शामिल हो सकते हैं। इस समय करीब आधा दर्जन से ज्यादा पार्टियां किसी भी गठबंधन के साथ है है लेकिन उनकी राजनीतिक हैसियत बड़ी है।

