चंद्रयान-3 ने पृथ्वी की कक्षा को छोड़ कर चांद की कक्षा में किया प्रवेश,भारत के नाम दो उपलब्धियां

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बीरेंद्र कुमार झा

आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से लांच हुआ चंद्रयान-3 अब अपने अगले 5 अहम पड़ाव यानी चंद्रमा की ओर बढ़ चुका है। इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (ISRO ) ने यह जानकारी दी है। अनुमान लगाया जा रहा है कि करीब 23 दिनों की यात्रा के बाद अंतरिक्ष यान चांद की सतह पर लैंड करेगा।इस चंद्रयान – 3 को श्रीहरिकोटा से 14 जुलाई को लांच किया गया था।

पृथ्वी की कक्षा की चक्कर पूरीकर ट्रांसलुनर कक्षा में हुआ स्थापित चंद्रयान -3

चंद्रयान-3 ने 1 अगस्त को ही पृथ्वी के चारों ओर की परिक्रमा पूरी कर ली है।इसके बाद अब यह अंतरिक्ष यान चांद तक की 3.8 किलोमीटर की यात्रा पर निकल चुका है। इसरो का कहना है कि लूनर आर्बिट इंजेक्शन(LOI ) की योजना 5 अगस्त को बनाई गई है। इसरो ने सोमवार आधी रात को उस समय एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली जब उसने चंद्रयान-3 को ट्रांस लूनर कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित कर दिया।

क्या है लूनर आर्बिट इनसर्शन

लूनर ऑर्बिट इंसर्शन (एलओआई) चंद्रयान – 3अभियान का तीसरा चरण है, जहां चंद्रयान-3 को चंद्रमा की कक्षा में भेजा जाएगा।चौथे चरण में कक्षा युद्धाभ्यास शामिल है, जहां चंद्रयान -3 चंद्रमा की सतह से लगभग 100 किलोमीटर ऊपर अपनी कक्षा को धीरे-धीरे बढ़ाने के लिए सात से आठ युद्धाभ्यास (ऑर्बिट मैन्यूवर) करेगा।

23 अगस्त को करेगा चांद पर लैंडिंग

इसरो ने ट्वीट किया है कि इसट्रैक में एक सफल पेरिगी फायरिंग की गई। इसरो ने अंतरिक्ष यान को ट्रांसलुनर कक्षा में स्थापित कर दिया है।इसरो ने चंद्रमा की एक तस्वीर पोस्ट करते हुए कहा कि अगला पड़ाव चंद्रमा।उन्होंने कहा कि चंद्रयान – 3 चंद्रमा की कक्षा में 5 अगस्त को पहुंचेगा और 23 अगस्त को यह चंद्रमा पर लैंड करेगा।

 

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