पटना में विपक्षी नेताओं की एकता की बातें एक तरफ और अध्यादेश के बहाने कांग्रेस और आपके बीच शक्ति परीक्षण दुसरी तरफ

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बीरेंद्र कुमार झा

एक तरफ जहां पटना में नीतीश कुमार की अध्यक्षता में कांग्रेस आम आदमी पार्टी समेत 15 दलों के नेता विपक्षी एकता के लिए बैठक में जुटे हैं तो दूसरी तरफ वहां केंद्र सरकार के अध्यादेश को लेकर इनके बीच रार बढ़ गई है। अरविंद केजरीवाल की पार्टी ने बैठक के बीच कांग्रेस और बीजेपी में ‘ डील’ का आरोप लगा दिया है। कांग्रेस की ओर से बाद में विचार के प्रस्ताव को खारिज करते हुए आप नेता ने कहा है कि अध्यादेश पर कांग्रेस का स्टैंड तुरत साफ किया जाए।

आम आदमी पार्टी ने लगाया आरोप

आम आदमी पार्टी की प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने आरोप लगाया कि बीजेपी और कांग्रेस में अध्यादेश को लेकर एक ‘ डील’ हो गई है। कांग्रेस अध्यक्ष मलिकार्जुन खड़गे की बात का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि जो जानकारी हमें विश्वसनीय सूत्रों से मिली है, उसके मुताबिक राहुल गांधी और बीजेपी के बीच में एक समझौता हो चुका है जिससे कि वह इस गैरकानूनी अध्यादेश में बीजेपी के साथ खड़े हैं, यह उस उसी बात को पुख्ता करता है।जब यह साफ हो चुका है कि एक गैर संवैधानिक अध्यादेश पास किया गया है, जिसमें दिल्ली के लोगों का अधिकार छीना गया है।उसमें इतना समय कांग्रेस को क्यों लग रहा है?

क्या कहा खड़गे ने

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने शुक्रवार को पटना रवाना होने से पहले आम आदमी पार्टी की शर्त को दरकिनार कर दिया। उन्होंने बैठक का एजेंडा 2024 लोकसभा चुनाव को बताते हुए कहा कि दिल्ली को लेकर केंद्र सरकार के अध्यादेश पर कोई फैसला आगामी मानसून सत्र के शुरू होने से पहले किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को शायद यह पता होगा कि अध्यादेश का विरोध या समर्थन संसद के बाहर नहीं संसद के भीतर किया जाता है।खरगे ने मीडिया से कहा कि शायद अरविंद केजरीवाल खुद जानते हैं कि अध्यादेश का समर्थन या विरोध बाहर नहीं होता है,यह सब सदन के अंदर होता है।संसद सत्र शुरू होने से पहले सारी पार्टियां मिलकर एजेंडा तय करती हैं, यह उन्हें मालूम होगा।18- 20 पार्टियों की बैठक होती है, जिसमें हर पार्टी के नेता शामिल होते हैं। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा इस अध्यादेश के मुद्दे का बाहर इतना प्रचार क्यों हो रहा है मुझे नहीं मालूम!

क्या है आम आदमी पार्टी की शर्त

आम आदमी पार्टी के सूत्रों ने गुरुवार को कहा था कि अगर कांग्रेस ने दिल्ली में प्रशासनिक सेवाओं पर नियंत्रण से संबंधित केंद्र सरकार के अध्यादेश के खिलाफ उसे समर्थन देने का वादा नहीं किया तो आम आदमी पार्टी विपक्षी दलों की शुक्रवार को पटना में होने वाली बैठक से बाहर हो जाएगी। आशंकाओं के बीच केजरीवाल पंजाब के सीएम भगवंत मान के साथ पटना पहुंचे और बैठक में शामिल भी हुए, लेकिन बैठक शुरू होते ही जिस तरह आम आदमी पार्टी का रुख सामने आया है, उससे विपक्षी एकता पर सवाल उठना लाजमी है।

 

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