न्यूज़ डेस्क
हरियाणा में सूरजमुखी पर एमएसपी और जेल में बंद किसान नेता गुरनाम चढूनी की रिहाई को लेकर किसान अब आर पार की लड़ाई करने को तैयार हैं। इस लड़ाई में खट्टर सरकार का क्या होगा कोई नहीं जनता लेकिन किसानो के बीच अब इस बात की सहमति बन रही है अगर सरकार उनकी मानगो को नहीं नहीं मानती है तो आंदोलन को और भी तीब्र किया जायेगा और खट्टर सरकार को हटाया जायेगा। उधर हरियाणा में अब किसानो की इस लड़ाई से राजनीतिक तापमान काफी बाद गया है। अगले साल चुनाव को देखते हुए बीजेपी का कोई भी नेता इस किसान आंदोलन के बारे में कुछ नहीं बोल रहा है लेकिन सरकार पर दवाब डाला जा रहा है कि आंदोलन को शीघ्र ख़त्म नहीं किया गया तो काफी नुक्सान हो सकता है। किसानो ने दिल्ली -चंडीगढ़ मार्ग को पूरी तरह से अवरुद्ध कर दिया है।
बता दें कि, तीन राज्यों के प्रदर्शनकारी किसान कल सोमवार दोपहर 2 बजे से ही नेशनल हाईवे-44 पर डेरा डाले हुए हैं। कल सरकार के प्रतिनिधि और किसानों के बीच हुई बातचीत का कोई नतीजा नहीं निकला था। सरकार ने किसानों को समझाने के लिए अपने बड़े-बड़े अधिकारियों को लगा रखा है। लेकिन प्रदर्शनकारी किसानों का कहना है की जब तक एमएसपी पर सरकार खरीदारी शुरू नहीं करेगी, तब तक ये प्रदर्शन नहीं हटेंगे । देशभर के करीब 40 किसान संगठन सरकार के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं और सभी की एक ही मांग है।
कुरुक्षेत्र में राकेश टिकैत सख्त तेवर में नजर आ रहे हैं। सरकार के खिलाफ उन्होंने जमकर हमला किया। उन्होंने कहा कि एमएसपी मिले या फिर जेल, यह तभी जाम खुलेगा। टिकैत बोले कि मोदी सरकार भारत देश को उत्तर-कोरिया बनाने पर तूली है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र पर हर तरीके से हमला किया जा रहा है। देश भर में किसानों की दुर्दशा हो रही है, इसके लिए सरकार कोई कदम नहीं उठा रही, लेकिन इस बारये आंदोलन एमएसपी लेकर रहेगा।
न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी वो मूल्य होती है जिसे सरकार फसलों के लिए तय करती है। जब किसान फसल को मंडी में बेचता है तो सरकार की तरफ़ से तय की हुई क़ीमत किसानों को मिलती है। दरअसल एमएसपी सरकार द्वारा किसानों को दिया जाने वाला एक आर्थिक भरोसा है। जिससे किसानों को फसल उगाने से पहली उसकी क़ीमत का अंदाज़ा हो जाता है कि उसे इस फसल की कितनी क़ीमत मिलेगी।
अभी हरियाणा की मंडी में सूरजमुखी इस समय 4,000 से 4,800 रुपये के भाव बिक रही है। सरकार ने भावांतर योजना के तहत किसानों को प्रति क्विंटल 1,000 रुपये देने का ऐलान किया है। ऐसे में किसानों को प्रति क्विंटल अधिकतम 5,800 रुपये मिल सकते हैं। लेकिन किसानों का कहना है कि सरकार ने सूरजमुखी की एमएसपी 6,400 रुपये तय की है तो सरकार एमएसपी पर सूरजमुखी को ख़रीदे।
उधर ,सरकार का कहना है कि हरियाणा में 38,414 एकड़ में सूरजमुखी की फसल है। 8,528 किसानों को भावांतर योजना में प्रति क्विंटल 1000 रुपए अंतरिम राहत राशि दी जाती है। अब तक 29.13 करोड़ की राशि दे चुके हैं।

