बीरेंद्र कुमार झा
उड़ीसा के बालासोर में हुए रेल हादसे ने पूरे देश को हिला कर रख दिया। हादसा इतना भीषण था कि उसमें 278 लोगों की जान चली गई ,जबकि सैकड़ों लोग घायल होकर अस्पताल में भर्ती हो गए। इनमें से कई की हालत गंभीर बनी हुई है। हादसे के बाद पटरियों की मरम्मत का काम पूरा हो गया है, हालांकि इस रूट पर सेवाएं फिर से शुरू नहीं हुई है। रेलमंत्री ने कहा कि अभी हमारा काम पूरा नहीं हुआ है। बहुत ही संवेदना के साथ जिन परिवारों के सदस्य खो गए हैं, वह जल्दी से जल्दी उन तक पहुंचे यही हमारी कोशिश है।
शवों की पहचान करके सौंपे जा रहे हैं परिजनों को
भुवनेश्वर नगर निगम के आयुक्त विजय अमृत कुलांगे ने बताया कि भुवनेश्वर में रखे गए कुल 193 में से 80 शवों की पहचान हो गई है। 55 शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं।भुनेश्वर नगर निगम के हेल्पलाइन नंबर 1929 पर 200 से ज्यादा कॉल आ चुके हैं।शवों की पहचान कर के परिजनों को सौंपा जा रहा है।
अभी तक नहीं हो पाई है 101 शवों की पहचान
डीआरएम रिंकेश राय ने बताया कि बालासोर रेल दुर्घटना में 11सौ लोग घायल हुए थे।इनमें से 9 सौ लोगों को इलाज के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया। लगभग 200 लोगों का उपचार राज्य के विभिन्न अस्पतालों में किया जा रहा है दुर्घटना में मरने वाले 200 लोगों में से 101 शवों की पहचान नहीं हो पाई है।

