न्यूज़ डेस्क
सोमवार को पूरे देश में अपने तरीके से पर्यावरण दिवस मनाने का कार्यक्रम हुआ। राज्य सरकारों ने अलग -अलग तरीके से पर्यावरण को कैसे साफ़ रखा जाए इसके लिए कई तरह की योजनाए चलाने की बात कही और जन भागीदारी का आह्वान किया।
उधर , प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि भारत वर्तमान आवश्यकताओं और भविष्य के दृष्टिकोण के बीच संतुलन बनाए रखते हुए पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन के लिए एक स्पष्ट रोडमैप के साथ आगे बढ़ रहा है। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर उन्होंने कहा कि अगर भारत ने अपने 4-जी और 5-जी दूरसंचार नेटवर्क का विस्तार किया है तो उसने अपने वन क्षेत्र को भी समान स्तर पर बढ़ाया है।
पीएम ने कहा, ‘इस साल विश्व पर्यावरण दिवस का विषय सिंगल-यूज प्लास्टिक से छुटकारा पाना है। यह एक ऐसा मुद्दा है जिसके बारे में दुनिया आज बात कर रही है लेकिन भारत पिछले चार-पांच वर्षों से लगातार इस दिशा में काम कर रहा है।’ उन्होंने कहा, ‘2018 में ही भारत ने सिंगल यूज प्लास्टिक से छुटकारा पाने के लिए दो स्तरों पर काम करना शुरू कर दिया था। एक तरफ, हमने इस पर प्रतिबंध लगा दिया और दूसरी तरफ हमने प्लास्टिक अपशिष्ट प्रसंस्करण को अनिवार्य बना दिया।’ उन्होंने कहा कि भारत अपने विकास के लिए किसी भी अन्य क्षेत्र की तरह बड़े पैमाने पर पर्यावरण पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
पीएम मोदी ने कहा, ‘एक तरफ हमने गरीबों को मदद मुहैया कराई है और दूसरी तरफ भविष्य की ईंधन जरूरतों को ध्यान में रखते हुए भी बड़े कदम उठाए हैं।’ मोदी ने कहा कि पिछले नौ साल में भारत ने ‘हरित और स्वच्छ ऊर्जा’ पर काफी ध्यान केंद्रित किया है।
उधर ,कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने बेंगलुरु महानगर पालिका यानी बीबीएमपी को पौधरोपण अभियान में छात्रों को शामिल करने का निर्देश दिया। डीके विश्व पर्यावरण दिवस पर रचना हल्ली में एक समारोह में भाग लेने के लिए पहुंचे थे। शिवकुमार ने बीबीएमपी से एक रिपोर्ट तैयार करने के लिए कहा है। इसके तहत बेंगलुरु में ऐसी कितनी सड़कें हैं, जिनके दोनों ओर पेड़ नहीं हैं। पौधे लगाने और उनके पोषण की जिम्मेदारी स्थानीय छात्रों को दी जाए। शिवकुमार ने कहा, बीबीएमपी को उन्हें पौधे और सुरक्षा जाल उपलब्ध कराने चाहिए। पौधे का नाम उस बच्चे के नाम पर रखा जाना चाहिए, जो इसे लगाता है और उस बच्चे को पौधे की देखभाल करनी चाहिए।
डीके शिवकुमार ने कहा कि स्कूली बच्चों के बीच प्रतियोगिता आयोजित करें। वे खुशी-खुशी पेड़ लगाने और उनकी देखभाल करने के लिए आगे आएंगे। हमें पेड़ों की वृद्धि सुनिश्चित करनी चाहिए जैसे हम अपने बच्चों की वृद्धि सुनिश्चित करते हैं। जैसा कि मेरे पास बेंगलुरु विकास पोर्टफोलियो है, यह मेरा पहला काम है। बीबीएमपी अधिकारियों को एक महीने में इस पर एक स्पष्ट योजना के साथ सामने आना चाहिए।
डीके ने कहा कि मनुष्य का जीवन प्रकृति के साथ मिश्रित है। विश्व पर्यावरण दिवस का उत्सव सिर्फ प्रतीकात्मक है। हमें प्रतिदिन प्रकृति का संरक्षण करना चाहिए, तभी प्रकृति को मजबूत किया जा सकता है। जाने या अनजाने में हम प्लास्टिक की हरी चटाई का उपयोग कर रहे हैं और प्रकृति का जश्न मना रहे हैं। उपमुख्यमंत्री ने बागवानी विभाग, वन विभाग और बीबीएमपी के अधिकारियों को स्थायी योजना के साथ आगे आने को कहा।
शिवकुमार ने कहा, पार्क को जंगल के रूप में विकसित नहीं किया जाना चाहिए। पार्कों को पार्कों की तरह रहने दें। जहां भी पेड़ नहीं हैं, उन्हें उगाया जाना चाहिए। बेंगलुरु अपनी हरियाली के लिए जाना जाता है और इस शहर में हरियाली बढ़ाने की योजना बनाई जानी चाहिए।

