20 मई को बेंगलुरु में शपथ ग्रहण समारोह ,सीएम ,डिप्टी सीएम के अलावा 14 मंत्री भी लेंगे शपथ !

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न्यूज़ डेस्क 
सब कुछ साफ हो जाने के बाद कर्नाटक में 20 मई को शपथ ग्रहण की तैयारी शुरू हो गई है। जानकारी के मुताबिक़ इस शपथ ग्रहण समरोह में सीएम और डिप्टी सीएम के अलावा 14 और मंत्री भी शपथ ले सकते हैं। इस समारोह में शमिल होने के लिए कांग्रेस ने कई दलों के नेताओं को आमंत्रित किया है।            
  कर्नाटक के मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह के लिए कांग्रेस से सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा के अलावा अन्य कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्री के शामिल होने की बात कही जा रही है। इसके अलावा कांग्रेस ने झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन, तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन, पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी, एसपी प्रमुख अखिलेश यादव, एनसीपी प्रमुख शरद पवार, पूर्व महाराष्ट्र सीएम उद्धव ठाकरे, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव, नेकां प्रमुख फारूक अब्दुल्ला को भी आमंत्रित किया है।           
 कांग्रेस सूत्र के मुताबिक, संभावित मंत्रियों में पूर्व उपमुख्यमंत्री परमेश्वर, कृष्णा बायरे गौड़ा, सतीश जरकीहोली, लक्ष्मण सावदी, लक्ष्मी हेब्बलकर, सलीम अहमद, यू.टी. खादर, संतोष लाड, दिनेश गुंडु राव, जमीर अहमद, एम.पी. पाटिल, एच.के. पाटिल, रामलिंगा रेड्डी, के.जे. जॉर्ज, ईश्वर खंड्रे, तनवीर सेठ, डॉ. एच.सी. महादेवप्पा और बी.के. हरिप्रसाद शामिल हैं।             
 एमबी पाटिल पूर्व सांसद हैं और साथ ही सिद्धारमैया की पिछली सरकार में मंत्री रह चुके हैं। वह प्रभावशाली लिंगायत समुदाय से ताल्लुक रखते हैं। केजे जॉर्ज पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं। वे एचडी कुमारस्वामी और सिद्धारमैया की सरकार में मंत्री रहे हैं। संभावित मंत्रियों की सूची में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटे प्रियांक खरगे का नाम भी है।
               प्रियांक खड़गे 2016 में, 38 साल की आयु में तत्कालीन मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के मंत्रिमंडल में आईटी, बीटी और पर्यटन मंत्री के रूप में शपथ लेने वाले सबसे कम उम्र के मंत्री बने थे। उन्होंने एचडी कुमारस्वामी के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार में समाज कल्याण के कैबिनेट मंत्री के रूप में भी काम किया है।     
बता दें कि पिछले चार दिनों में कई दौर की बैठकों के बाद पार्टी ने कर्नाटक के अगले मुख्यमंत्री को लेकर सस्पेंस खत्म कर दिया। इससे पहले सिद्दारमैया और शिवकुमार, दोनों शीर्ष पद के लिए अड़े हुए थे। इस मुद्दे पर गतिरोध के कारण यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी को इस मुद्दे को हल करने के लिए हस्तक्षेप करना पड़ा। दोनों नेता राष्ट्रीय राजधानी में डेरा डाले हुए थे।
             कांग्रेस ने 10 मई के चुनाव में शानदार जीत दर्ज की है। पार्टी ने 224 में से 135 सीटों पर जीत हासिल की है, जबकि सत्तारूढ़ भाजपा 66 सीटों पर सिमट गई। 

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