West Asia Crisis: अमेरिका और ईरान के बीच हालिया सैन्य टकराव फिलहाल शांत होता दिखाई दे रहा है, लेकिन पश्चिम एशिया में तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। इस बीच यूक्रेन द्वारा कैस्पियन सागर में एक ईरानी मालवाहक जहाज पर किए गए हमले के दावे ने क्षेत्रीय समीकरणों को फिर से जटिल बना दिया है। साथ ही होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े घटनाक्रम और सैन्य गतिविधियों पर दुनिया की नजर बनी हुई है।
अमेरिका पर ईरान के गंभीर आरोप
ईरान ने अमेरिका पर होर्मुज जलडमरूमध्य में हुए समझौतों के उल्लंघन का आरोप लगाया है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची का कहना है कि अमेरिकी सैन्य बलों ने व्यावसायिक जहाजों को ईरान द्वारा निर्धारित समुद्री मार्गों की बजाय वैकल्पिक रास्तों पर भेजने का प्रयास किया।
उनके अनुसार यह कदम जून में हुए समझौते की शर्तों के विपरीत है और इससे क्षेत्र में तनाव बढ़ने की आशंका पैदा हो सकती है। ईरान का कहना है कि इस तरह की गतिविधियां समुद्री सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावित कर सकती हैं।
क्या ट्रंप ने सैन्य कार्रवाई फिलहाल टाल दी?
अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फिलहाल ईरान के खिलाफ व्यापक सैन्य कार्रवाई को आगे नहीं बढ़ाने का फैसला किया है।
रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि अमेरिकी रक्षा अधिकारियों ने वायु रक्षा प्रणाली, विशेष रूप से पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलों के सीमित भंडार को लेकर चिंता जताई थी। बताया गया कि बड़े सैन्य अभियान की स्थिति में अमेरिकी सैनिकों और सहयोगी देशों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।
हालांकि व्हाइट हाउस की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि अमेरिका अभी भी कूटनीतिक समाधान को प्राथमिकता देता है, लेकिन यदि क्षेत्रीय सुरक्षा को खतरा हुआ तो सभी विकल्प खुले रहेंगे।
ईरानी जहाज पर हमले के बाद यूक्रेन पर बरसे तेहरान
कैस्पियन सागर में एक ईरानी व्यापारिक जहाज पर हुए हमले के बाद ईरान ने यूक्रेन के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है।
ईरानी विदेश मंत्रालय ने इस कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर की भावना के विपरीत है। तेहरान ने संकेत दिया कि यदि ऐसी घटनाएं दोहराई गईं तो उचित जवाब देने का अधिकार सुरक्षित रहेगा। ईरान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी इस मामले पर ध्यान देने और जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।
जेलेंस्की का दावा, रूस दे रहा है ईरान को खुफिया मदद
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने आरोप लगाया है कि रूस ईरान को उपग्रह आधारित खुफिया जानकारी उपलब्ध करा रहा है, जिसका उपयोग पश्चिम एशिया में सैन्य गतिविधियों के लिए किया जा रहा है।
उन्होंने दावा किया कि यूक्रेनी एजेंसियों के पास ऐसे संकेत हैं जिनके आधार पर रूस और ईरान के बीच सुरक्षा सहयोग बढ़ा है। जेलेंस्की ने कहा कि संबंधित जानकारी सहयोगी देशों के साथ साझा की जाएगी। हालांकि इन आरोपों पर रूस या ईरान की ओर से स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।
कैस्पियन सागर में हमले से बढ़ी चिंता
यूक्रेन की ओर से दावा किया गया कि उसने कैस्पियन सागर में ऐसे जहाज को निशाना बनाया जो कथित तौर पर सैन्य सामग्री ले जा रहा था। दूसरी ओर ईरान ने पुष्टि की कि प्रभावित जहाज उसका वाणिज्यिक पोत था।
घटना में एक चालक दल के सदस्य की मौत और एक अन्य के घायल होने की जानकारी सामने आई है। इस घटनाक्रम के बाद कैस्पियन क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा हो गई हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर बनी हुई है दुनिया की नजर
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच दुनिया की निगाहें अब भी होर्मुज जलडमरूमध्य पर टिकी हुई हैं, क्योंकि वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी समुद्री मार्ग से होकर गुजरता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि क्षेत्र में तनाव और बढ़ता है तो इसका असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार, ऊर्जा बाजार और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है।
क्या आगे बढ़ सकता है संकट?
हालांकि अमेरिका और ईरान के बीच प्रत्यक्ष सैन्य टकराव फिलहाल शांत दिखाई दे रहा है, लेकिन यूक्रेन, रूस और पश्चिम एशिया से जुड़े नए घटनाक्रमों ने क्षेत्रीय तनाव को फिर बढ़ा दिया है। आने वाले दिनों में कूटनीतिक वार्ताएं और सैन्य गतिविधियां इस संकट की दिशा तय करेंगी।

