US Army Iraq Exit:अमेरिका ने छोड़ा इराक: खत्म हुआ 12 साल का ISIS युद्ध, ट्रंप का बड़ा बयान- ‘महंगी और दर्दनाक यात्रा का अंत!’

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US Army Iraq Exit: अमेरिका ने इराक से अपनी बची हुई सैन्य टुकड़ियों की वापसी भी पूरी कर ली है। 30 सितंबर 2026 को अंतिम अमेरिकी बलों के इराक से निकलने के साथ 2003 के अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप से शुरू हुआ एक लंबा दौर समाप्त हो गया। अंतिम चरण में एरबिल एयर बेस से अमेरिकी सैनिकों और सैन्य उपकरणों की वापसी पूरी हुई।

यह वापसी अमेरिका और इराक के बीच 2024 में बनी चरणबद्ध योजना के तहत हुई, जिसे बाद में ट्रंप प्रशासन ने लागू किया। अमेरिकी सैन्य मिशन के खत्म होने के बाद इराक की सुरक्षा की जिम्मेदारी अब मुख्य रूप से वहां की सुरक्षा एजेंसियों पर होगी। हालांकि, अमेरिका और इराक के बीच सुरक्षा सहयोग पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।

2003 में शुरू हुआ सफर, 2011 के बाद फिर लौटी अमेरिकी सेना

अमेरिकी सेना ने 2003 में इराक पर हमला कर सद्दाम हुसैन की सरकार को सत्ता से हटाया था। करीब आठ साल बाद 2011 में अमेरिकी सैनिकों की वापसी हुई, लेकिन 2014 में ISIS के तेजी से विस्तार के बाद अमेरिका फिर इराक में सैन्य रूप से सक्रिय हुआ। अमेरिकी नेतृत्व वाले गठबंधन ने इराकी सुरक्षा बलों के साथ मिलकर ISIS के खिलाफ अभियान चलाया और संगठन के बड़े क्षेत्रीय कब्जे को खत्म किया गया। अब 30 सितंबर 2026 को इस सैन्य मिशन का अंतिम चरण भी पूरा हो गया है।

दो दशक से ज्यादा के अभियान में 4,500 से अधिक अमेरिकी सैनिकों की मौत

इराक में अमेरिकी सैन्य अभियान बेहद लंबा और जान-माल के लिहाज से भारी रहा। रॉयटर्स के अनुसार, 2003 के बाद से इस संघर्ष में करीब 4,500 अमेरिकी सैनिकों की जान गई। 2011 में वापसी के बावजूद ISIS के खतरे ने अमेरिका को कुछ वर्षों बाद फिर सैन्य भूमिका में ला दिया था।

अमेरिकी वापसी के बाद ईरान समर्थित गुटों पर नजर

अमेरिकी सैनिकों की विदाई के बाद इराक में ईरान समर्थित सशस्त्र गुटों के प्रभाव को लेकर चर्चा तेज हो गई है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी सैन्य मौजूदगी खत्म होने से इन गुटों को राजनीतिक और सुरक्षा मामलों में अपना प्रभाव बढ़ाने का अवसर मिल सकता है।

ईरान और उसके सहयोगी समूहों की ओर से अमेरिकी वापसी को अपनी रणनीतिक सफलता के तौर पर पेश किया जा रहा है। वहीं, इराक में इसे देश की संप्रभुता की दिशा में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में भी देखा जा रहा है।

ISIS का खतरा पूरी तरह खत्म नहीं

इराक में ISIS का क्षेत्रीय नियंत्रण 2017 तक खत्म कर दिया गया था, लेकिन संगठन से जुड़े छोटे नेटवर्क और स्लीपर सेल अब भी सुरक्षा चुनौती बने हुए हैं। अमेरिकी सेना की सीधी मौजूदगी खत्म होने के बाद इराकी सुरक्षा बलों की क्षमता और खुफिया तंत्र की भूमिका और महत्वपूर्ण हो जाएगी। विशेषज्ञों ने आशंका जताई है कि सुरक्षा व्यवस्था में कमजोरी का फायदा ISIS के बचे हुए नेटवर्क उठा सकते हैं।

इस तरह अमेरिकी सैनिकों की वापसी जहां इराक के लिए एक नए सुरक्षा दौर की शुरुआत है, वहीं आने वाले समय में ISIS और ईरान समर्थित सशस्त्र गुटों से निपटना बगदाद के लिए बड़ी चुनौती हो सकता है।

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