US-Iran Latest News: मध्य पूर्व में हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर जारी तनाव और समुद्री सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं के बीच अमेरिका ने ईरान के खिलाफ एक और सैन्य अभियान चलाया है। अमेरिकी सेना ने जानकारी दी कि गुरुवार शाम ईरान के कुछ सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए नए हमले किए गए। अधिकारियों के अनुसार, यह लगातार 13वीं रात है जब अमेरिकी सेना ने इस अभियान को जारी रखा है।
अमेरिका ने कार्रवाई की वजह बताई
अमेरिकी सैन्य अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। अमेरिका का आरोप है कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की गतिविधियों से वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। सेना का दावा है कि इन हमलों का उद्देश्य समुद्री मार्गों पर पैदा हो रहे खतरे को कम करना और ईरान पर दबाव बनाना है।
समाचार एजेंसियों के अनुसार, यह सैन्य कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही ईरान को सख्त चेतावनी दे चुके हैं।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य क्यों है इतना अहम?
हॉर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल है। वैश्विक स्तर पर निर्यात होने वाले कच्चे तेल का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। हाल के दिनों में इस क्षेत्र में बढ़ते तनाव के चलते अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता भी बढ़ गई है।
अमेरिका का आरोप है कि ईरान से जुड़े तत्वों ने इस क्षेत्र में कुछ व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाया है, हालांकि इस संबंध में दोनों देशों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।
तेल बाजार पर दिखा सीधा असर
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी दिखाई देने लगा है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य के अलावा बाब-अल-मंदेब समुद्री मार्ग पर भी जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने की आशंकाओं के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया।
बाजार के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रूड ऑयल की कीमत लगभग 7 प्रतिशत बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि क्षेत्र में तनाव लंबा खिंचता है तो ऊर्जा बाजार और वैश्विक सप्लाई चेन पर इसका व्यापक असर पड़ सकता है।

