मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव! अमेरिका का लगातार 10वीं रात हमला, ईरान को दी कड़ी चेतावनी

0
7

US Iran Conflict: मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने के बजाय लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है। अमेरिकी सेना ने ईरान के कई रणनीतिक ठिकानों पर नई सैन्य कार्रवाई करने का दावा किया है। वहीं, अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि उसका उद्देश्य क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करना और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही बनाए रखना है। दूसरी ओर, ईरान ने भी अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है, जिससे क्षेत्र में हालात और संवेदनशील हो गए हैं।

अमेरिका ने कई सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना

यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, हालिया अभियान के दौरान ईरान के सैन्य कमांड सेंटर, नौसैनिक ठिकानों, मिसाइल और ड्रोन लॉन्च साइटों के साथ-साथ एयर डिफेंस सिस्टम पर हमले किए गए। अमेरिकी पक्ष का कहना है कि इन कार्रवाइयों का उद्देश्य स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों के लिए संभावित खतरों को कम करना है।

900 से अधिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही का दावा

अमेरिकी सेना ने दावा किया कि उसकी निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था के कारण मई की शुरुआत से अब तक लगभग 900 वाणिज्यिक जहाज सुरक्षित रूप से स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पार कर चुके हैं। इसके साथ ही करीब 45 करोड़ बैरल कच्चे तेल का परिवहन भी बिना किसी बड़े व्यवधान के पूरा कराया गया।

ट्रंप ने ईरान को दी सख्त चेतावनी

जॉर्डन में दो अमेरिकी सैनिकों की मौत के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी अमेरिकी सैनिक को नुकसान पहुंचाया गया, तो उसका जवाब कहीं अधिक सख्ती से दिया जाएगा। ट्रंप ने यह भी कहा कि इस संबंध में अमेरिकी रक्षा नेतृत्व और सैन्य अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

ईरान का पलटवार का दावा

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने बहरीन और कुवैत में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया। आईआरजीसी के अनुसार, यह कार्रवाई उसके सैन्य अभियान के तहत कई चरणों में की गई। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।

बढ़ती चिंता के बीच दुनिया की नजरें मध्य पूर्व पर

अमेरिका और ईरान के बीच लगातार बढ़ते तनाव ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों पक्षों के बीच सैन्य गतिविधियां इसी तरह जारी रहीं, तो इसका असर न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा बल्कि वैश्विक तेल आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी पड़ सकता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here