Iran Israel War: पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच एक दर्दनाक घटना सामने आई है। ईरान के दक्षिणी होर्मोजगान प्रांत में एक शादी समारोह के दौरान अमेरिकी मिसाइल हमले के बाद मलबे और शेल के टुकड़े गिरने से चार लोगों की मौत हो गई, जबकि 50 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। ईरानी रेड क्रिसेंट ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
शादी की खुशियां मातम में बदलीं
ईरानी रेड क्रिसेंट के मुताबिक, घटना सिरिक काउंटी के कुहेस्तक शहर में हुई। यहां एक आवासीय मकान में शादी का कार्यक्रम चल रहा था। इसी दौरान अमेरिकी मिसाइल हमले के बाद आसपास शेल के टुकड़े आकर गिरे।
हमले की चपेट में आने से चार लोगों की जान चली गई, जिनमें एक छोटा बच्चा भी शामिल बताया गया है। हादसे में 50 से अधिक लोग घायल हुए हैं। घायलों को इलाज के लिए अस्पतालों में पहुंचाया गया।
इससे पहले होर्मोजगान के उप-गवर्नर अहमद नफीसी ने ईरानी सरकारी टेलीविजन को दो लोगों की मौत और बड़ी संख्या में लोगों के घायल होने की जानकारी दी थी। बाद में ईरानी रेड क्रिसेंट ने मृतकों की संख्या चार बताई।
होर्मुज स्ट्रेट के करीब हुआ हमला
सिरिक काउंटी रणनीतिक रूप से बेहद अहम होर्मुज जलडमरूमध्य के नजदीक स्थित है। यह क्षेत्र वैश्विक तेल और समुद्री व्यापार के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है। इसी इलाके में अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य गतिविधियां बढ़ने से क्षेत्रीय तनाव और गहरा गया है।
अमेरिका ने ईरानी सैन्य ठिकानों पर हमले की पुष्टि की
अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM ने कहा कि अमेरिकी सेना ने 1 सितंबर को ईरान के सैन्य ठिकानों के खिलाफ हमलों की एक श्रृंखला पूरी की।
अमेरिकी कमांड के अनुसार, कार्रवाई में ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़े कई सैन्य संसाधनों को निशाना बनाया गया। इनमें एयर डिफेंस सिस्टम, रडार प्रतिष्ठान, समुद्री सैन्य संपत्तियां, बारूदी सुरंग बिछाने की क्षमताएं और संचार केंद्र शामिल बताए गए हैं।
CENTCOM का कहना है कि यह कार्रवाई होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों और अमेरिकी सैनिकों के खिलाफ IRGC की कथित गतिविधियों के जवाब में की गई।
अमेरिकी पक्ष के मुताबिक, मध्य पूर्व में 50 हजार से ज्यादा अमेरिकी सैनिक तैनात हैं और क्षेत्र में सैन्य बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
ईरान का पलटवार, अमेरिकी एयरबेस को बनाया निशाना
अमेरिकी हमलों के बाद ईरान की ओर से भी जवाबी कार्रवाई का दावा किया गया है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने जॉर्डन स्थित अमेरिकी प्रिंस हसन एयर बेस पर बैलिस्टिक मिसाइल हमला करने की जिम्मेदारी ली है।
ईरानी सरकारी प्रसारक IRIB के जरिए जारी बयान में IRGC ने दावा किया कि एयरबेस पर भारी मिसाइल हमला किया गया। उसके मुताबिक, हमले में उन हैंगरों को निशाना बनाया गया जहां लंबी दूरी के RQ-4 और MQ-9 ड्रोन रखे जाते हैं।
ईरानी पक्ष ने यह भी दावा किया कि हमले में कई ड्रोन नष्ट हुए, अमेरिकी उड़ान और तकनीकी कर्मियों को नुकसान पहुंचा और एयरबेस के कुछ तकनीकी ढांचे में आग लग गई। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि का उल्लेख नहीं किया गया है।
बंदर अब्बास से चाबहार तक धमाकों से दहला इलाका
अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव लगातार दूसरे दिन भी जारी रहने का दावा किया गया है। अमेरिकी हमलों के बीच ईरान के कई रणनीतिक इलाकों में धमाकों की खबरें सामने आईं।
होर्मुज जलडमरूमध्य के उत्तरी हिस्से में स्थित केशम द्वीप, बंदर अब्बास और चाबहार बंदरगाह के आसपास भी धमाकों की जानकारी सामने आई है।
ऐसे समय में सिरिक के पास शादी समारोह के दौरान हुई मौतों ने तनाव के मानवीय असर को भी सामने ला दिया है। एक ओर दोनों देश एक-दूसरे के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने के दावे कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ आम नागरिकों के बीच भी डर और असुरक्षा बढ़ती जा रही है।

