US-Iran Conflict News: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। हालात ऐसे बनते दिख रहे हैं कि दोनों देशों के बीच टकराव और गहरा सकता है। अमेरिकी सेना ने लगातार तीसरी रात ईरान के कई रणनीतिक सैन्य ठिकानों पर हवाई कार्रवाई की। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य ईरान की ड्रोन, मिसाइल और समुद्री निगरानी क्षमताओं को कमजोर करना है, ताकि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
CENTCOM ने बताई सैन्य अभियान की वजह
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार यह सैन्य अभियान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर चलाया जा रहा है। सेना का दावा है कि ईरान की सैन्य क्षमताओं को सीमित करने के लिए उसके प्रमुख रक्षा ठिकानों को निशाना बनाया गया है।
वहीं ईरानी मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिकी हमलों के बाद बंदर अब्बास, किश द्वीप, बुशहर प्रांत के जम शहर और क़ेश्म द्वीप सहित कई इलाकों में तेज धमाकों की आवाजें सुनी गईं। हालांकि इन घटनाओं से हुए नुकसान को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
ट्रंप ने दी आगे भी कार्रवाई की चेतावनी
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि सैन्य अभियान अभी समाप्त नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई आने वाले दो से तीन सप्ताह तक जारी रह सकती है।
ट्रंप ने ईरान के पहाड़ी क्षेत्र में स्थित अत्यधिक सुरक्षित सैन्य परिसर कुह-ए-कोलांग गज-ला (Pickaxe Mountain) का भी उल्लेख करते हुए कहा कि जरूरत पड़ने पर इसे भी निशाना बनाया जा सकता है। हालांकि इस संबंध में किसी नए हमले की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बढ़ा विवाद
दोनों देशों के बीच सबसे बड़ा विवाद अब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर सामने आया है। अमेरिका ने इस अहम समुद्री मार्ग पर ईरान के खिलाफ सख्त रुख अपनाने की घोषणा की है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि ईरानी जहाजों की आवाजाही पर रोक लगाने की नीति अपनाई जाएगी। साथ ही अन्य देशों के व्यापारिक जहाजों को सुरक्षा उपलब्ध कराने के बदले शुल्क लेने की बात भी कही गई है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में गिना जाता है। वैश्विक स्तर पर निर्यात होने वाले कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। ऐसे में यहां बढ़ता तनाव अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार पर भी असर डाल सकता है।
ईरान ने अमेरिकी दावों को नकारा
अमेरिकी सेना का कहना है कि उसने ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, रडार, मिसाइल लॉन्चिंग क्षमता, ड्रोन नेटवर्क और नौसैनिक ठिकानों को निशाना बनाया है।
दूसरी ओर, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज ईरान के अधिकार क्षेत्र से जुड़ा महत्वपूर्ण इलाका है और अमेरिका का हस्तक्षेप अंतरराष्ट्रीय नियमों के खिलाफ है।
संयुक्त राष्ट्र ने शांति की अपील की
बढ़ते तनाव के बीच संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यदि दोनों देशों के बीच हालात और बिगड़ते हैं तो इसका असर केवल क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक स्तर पर गंभीर परिणाम देखने को मिल सकते हैं।
उन्होंने सभी पक्षों से संयम बरतने, तनाव कम करने और कूटनीतिक बातचीत के जरिए समाधान तलाशने की अपील की।

