Russia-Ukraine War: कीव पर रूस का भीषण मिसाइल और ड्रोन हमला, कई लोगों की मौत, जेलेंस्की ने सहयोगी देशों से लगाई मदद की गुहार

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Russia Ukraine War: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के बीच बुधवार को राजधानी कीव और उसके आसपास के इलाकों में बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए गए। इन हमलों में कई लोगों की जान चली गई, जबकि दर्जनों अन्य घायल हो गए। हमले के बाद कई व्यावसायिक परिसरों, गोदामों और औद्योगिक प्रतिष्ठानों को नुकसान पहुंचने की खबर है।

यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, हमलों में नागरिक क्षेत्रों के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण इमारतें भी प्रभावित हुईं। राहत और बचाव दल प्रभावित इलाकों में लगातार अभियान चला रहे हैं।

रूस का दावा—सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना

रूस ने कहा है कि उसके हमलों का लक्ष्य ऐसे ठिकाने थे, जिनका उपयोग यूक्रेनी सेना से जुड़े कार्यों के लिए किया जा रहा था। रूसी पक्ष का दावा है कि कीव और आसपास मौजूद कई गोदामों में ड्रोन निर्माण से जुड़े उपकरण रखे गए थे, जिन्हें निशाना बनाया गया।

मिसाइल और ड्रोन से हुआ हमला

जानकारी के मुताबिक, इस अभियान में रूस ने बैलेस्टिक मिसाइलों, क्रूज मिसाइलों और बड़ी संख्या में ड्रोन का इस्तेमाल किया। यूक्रेन की वायुसेना ने दावा किया कि उसने अधिकांश ड्रोन को हवा में ही निष्क्रिय कर दिया, लेकिन मिसाइल हमलों को पूरी तरह रोकना संभव नहीं हो सका।

एयर डिफेंस की कमी बनी बड़ी चुनौती

लगातार हो रहे मिसाइल हमलों के बीच यूक्रेन को आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम की कमी का सामना करना पड़ रहा है। राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने एक बार फिर सहयोगी देशों से इंटरसेप्टर मिसाइलों और अतिरिक्त रक्षा प्रणाली उपलब्ध कराने की अपील की है। उनका कहना है कि मजबूत एयर डिफेंस के बिना नागरिक इलाकों की सुरक्षा चुनौतीपूर्ण होती जा रही है।

व्यावसायिक प्रतिष्ठान और परिवहन नेटवर्क भी प्रभावित

हमलों के दौरान एक प्रमुख घरेलू रिटेल कंपनी के कई परिसरों और एक उत्पादन इकाई को नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा रेलवे से जुड़े कुछ ढांचे भी प्रभावित बताए जा रहे हैं। काला सागर क्षेत्र में मालवाहक जहाजों को लेकर भी हमलों की खबरें सामने आई हैं।

युद्ध के बीच बढ़ी अंतरराष्ट्रीय चिंता

लगातार तेज होते हमलों ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ा दी है। दोनों देशों के बीच संघर्ष जारी रहने से क्षेत्रीय सुरक्षा और मानवीय स्थिति पर गंभीर असर पड़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द कोई समाधान नहीं निकला, तो हालात और जटिल हो सकते हैं।

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