Riyadh Attack: सऊदी अरब की राजधानी रियाद में शनिवार को धमाकों और एयर रेड अलर्ट के बाद तनाव बढ़ गया। सऊदी अधिकारियों ने राजधानी और आसपास के इलाकों में हवाई खतरे को लेकर लोगों को चेतावनी भेजी। इसके कुछ समय बाद किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास काला धुआं और आग की लपटें दिखाई दीं।
यमन के हूती समूह ने दावा किया कि उसने रियाद के कुछ “संवेदनशील ठिकानों” और लाल सागर के बंदरगाह शहर यानबू में सऊदी अरामको से जुड़े ठिकाने को निशाना बनाया। हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी के मुताबिक हमलों में बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों के साथ ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
सऊदी डिफेंस का क्या कहना है?
सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने बताया कि रियाद की ओर दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को हवा में ही रोक दिया गया। अधिकारियों के अनुसार यानबू, ताइफ, बिशा और फरासन को निशाना बनाने की कोशिशों को भी नाकाम किया गया। फिलहाल किसी बड़े नुकसान या हताहत की सूचना नहीं है।
एयरपोर्ट के पास क्यों दिखा धुआं?
रियाद एयरपोर्ट के आसपास शनिवार को आग की लपटों के साथ काले धुएं का बड़ा गुबार देखा गया। रिपोर्टों में एक फ्यूल-स्टोरेज इलाके के पास आग लगने की बात सामने आई, लेकिन सऊदी अधिकारियों ने तत्काल यह पुष्टि नहीं की कि आग सीधे हूती हमले की वजह से लगी थी।
उड़ानों पर भी पड़ा असर
घटना के बीच किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उड़ानों में देरी और कुछ रद्द होने की जानकारी सामने आई। FlightRadar24 ने एयरपोर्ट के लिए अपने उच्चतम डिसरप्शन लेवल की रिपोर्ट दी। रियाद में जारी किया गया यह एयर-रेड अलर्ट जुलाई में बढ़े संघर्ष के बाद पहली ऐसी चेतावनी थी।
इस घटनाक्रम से सऊदी अरब और हूती समूह के बीच जारी तनाव और बढ़ने की आशंका बनी हुई है। क्षेत्र में बढ़ती सैन्य गतिविधियों के बीच लाल सागर और ऊर्जा ढांचे की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ी है।

