पकिस्तान ने रद्द कर दिया देशद्रोह कानून ,भारत में देशद्रोह पर अभी है रोक

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न्यूज़ डेस्क
पकिस्तान में अब देशद्रोह कानून को ख़त्म कर दिया गया है। लाहौर हाई कोर्ट के जस्टिस करीम ने इस कानून को मनमाना बताते हुए इसे ख़ारिज कर दिया। एक याचिका के जरिये इस कानून को ख़त्म करने की मांग की गई थी इसके बाद अदालत ने इसे सदा के लिए ख़त्म कर दिया। याचिका में कहा गया था कि सरकार इस कानून का दुरुपयोग करती है और अपने प्रतिद्वंदी को फंसाती है। ऐसे में यह कानून ठीक नहीं। बता दें कि जस्टिस करीम वही जज हैं, जिन्होंने 2019 में पूर्व तानाशाह जनरल परवेज मुशर्रफ को मौत की सजा सुनाई थी।

क्या थी याचिका ?

हारून फारूक द्वारा दायर की गई एक याचिका में कहा गया है कि कानून का “पाकिस्तान में अंधाधुंध इस्तेमाल” शोषण के एक उपकरण के रूप में किया गया है, जिसका इस्तेमाल फ्री स्पीच और अभिव्यक्ति पर अंकुश लगाने के लिए किया जाता है। जिसे पाकिस्तान के संविधान के अनुच्छेद 19 के तहत चुनौती दी गई है। इसमें कहा गया, “पाकिस्तान दंड संहिता 1860 की धारा 124-ए एक अवैध सीमा है और संवैधानिक रूप से स्वतंत्र भाषण और अभिव्यक्ति और विभिन्न अन्य संवैधानिक स्वतंत्रता (सामान्य रूप से) के संवैधानिक रूप से गारंटीकृत अधिकार के कानूनी और वैध अभ्यास पर बैन है। ”

भारत में क्यों स्थगित है “देशद्रोह” कानून?

भारत में पिछले साल सुप्रीम कोर्ट ने “देशद्रोह कानून” को एक अंतरिम आदेश के तहत फिलहाल स्थगित कर दिया है। मई 2022 में, सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया था कि IPC की धारा 124ए के तहत कार्यवाही, जो देशद्रोह को अपराध बनाती हैं, को तब तक स्थगित रखा जाए जब तक कि इस कानून की समीक्षा करने की सरकार की कवायद पूरी नहीं हो जाती। अदालत ने यह फैसला केंद्र सरकार द्वारा एक हलफनामा दायर करने के बाद आया था, जिसमें कहा गया है कि उसने प्रावधान की फिर से जांच करने और उस पर पुनर्विचार करने का फैसला किया है।

सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में सरकारों से कहा कि जब तक सरकार की कवायद पूरी नहीं हो जाती, तब तक प्रावधान के तहत सभी लंबित कार्यवाही में जांच जारी न रखें या कठोर कदम न उठाएं। कोर्ट ने कहा कि अगर इस तरह के मामले दर्ज किए जाने चाहिए, तो पक्षकार अदालत का दरवाजा खटखटाने के लिए स्वतंत्र हैं और अदालत को जल्द से जल्द इसका निपटान करना होगा। अदालत के अंतरिम आदेश में कहा गया है, ‘इस प्रावधान को स्थगित रखना उचित होगा।

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