इस्लामाबाद: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान अब चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। पाकिस्तान के चुनाव आयोग ने उन्हें तोशखाना (देश का भंडार गृह) मामले में शिकायत मिलने के बाद अयोग्य घोषित कर दिया है। इमरान पर पीएम रहते मिले तोहफ़े से जुड़ी जानकारी छुपाने और कुछ तोशखाना से निकाल कर बेचने का आरोप लगा था।
गठबंधन सरकार ने की थी चुनाव आयोग से शिकायत
उल्लेखनीय है कि सत्तारूढ़ गठबंधन सरकार के सांसदों ने अगस्त में पाकिस्तान के चुनाव आयोग (ईसीपी) में 70 वर्षीय खान के खिलाफ एक मामला दायर किया था, जिसमें उन्होंने उपहारों की बिक्री से आय का खुलासा करने में विफल रहने के लिए उन्हें अयोग्य घोषित करने की मांग की थी।
आयोग के फैसले के बाद देश में हिंसा की आशंका
आयोग के इस निर्णय के बाद देश में हिंसा की संभवानाए जताई जा रही है। इससे देखते हुए सरकार ने सैकड़ो जवानों को तैनात कर दिया है। इमरान के समर्थकों को काबू में करने के लिए सरकार ने अद्धसैनिक बल भी तैनात कर दिया है। जानकारी के मुताबिक चुनाव आयोग के दफ्तर के बाहर किसी ने फायरिंग भी किया है।
इस फैसले के बाद पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) अध्यक्ष इमरान खान पांच साल तक संसद के सदस्य नहीं बन सकेंगे। ये फैसला जहां इमरान खान के राजनीतिक करियर में विराम लगाने वाला साबित हो सकता है वहीं सरकार के लिए ये एक बड़ी जीत जैसा है।

