पाकिस्तान और श्रीलंका संकट भारत के लिए तबाही

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न्यूज डेस्क
पाकिस्तान में जारी आर्थिक संकट का भारत पर भी असर पड़ सकता है। जिस तरह वहां गरीबी और महंगाई ,बेरोजगारी बिकराल रूप धारण करती जा रही है उससे लग रहा है पाकिस्तान का यह संकट भारत के लिए मुसीबत न बन जाए।याद रहे जब पड़ोसी देश अशांत होता है तो उसका व्यापक असर इस पर भी पड़ता है जहां शांति होती है। यह बात और है भारत खुद इन्ही समस्याओं से जूझ रहा है लेकिन भारत की इकोनॉमी चूंकि बड़ी और पाकिस्तान की अपेक्षा सुधरी हुई है इसलिए भारत के भीतर समस्याएं ज्यादा संकट वाली नही दिख रही।

आर्थिक संकट के कारण सबसे ज्यादा आम लोग परेशान हैं। महंगाई अपने चरम पर है, जिससे लोग खाने-पीने का सामान नहीं खरीद पा रहे हैं। इस बीच बेरोजगारी भी लगातार बढ़ती जा रही है। हर रोज हजारों पाकिस्तानी अपनी नौकरी खो रहे हैं। साल 2023 में भी लाखों लोगों की नौकरियां जाने की आशंका है। पाकिस्तानी अखबार डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक साल 2023 में बेरोजगारों की कुल संख्या 62.5 लाख के करीब हो सकती है। पाकिस्तान में कुल कार्यबल का यह 8.5 फीसदी है।

माना जा रहा है कि अगर यह आंकड़ा बढ़ता है तो नौकरी जाने वालों और नई नौकरी खोजने वालों की संख्या बढ़ेगी। पाकिस्तान की सरकार आईएमएफ की शर्तों को पूरा करने के लिए जल्द ही एक मिनी बजट पेश करना चाहती है। ये मिनी बजट पाकिस्तान के लिए एक बड़ा झटका साबित हो सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि मिनी बजट में अगर आईएमएफ की सिफारिशें मानी गई तो गैस, बिजली पेट्रोलियम समेत तमाम सामान की कीमतें बढ़ेंगी। पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार भी इस कारण घटेगा। 13 जनवरी के आंकड़ों के मुताबिक पाकिस्तान के पास अब सिर्फ 4.6 बिलियन डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार है।

पाकिस्तान सरकार जल्द से जल्द आईएमएफ की ओर से पैकेज की उम्मीद कर रही है। पाकिस्तान के सबसे खास मित्र राष्ट्र भी मदद से पीछे हट चुके हैं। ऐसे में तय है कि शहबाज सरकार मिनी बजट को टाल नहीं सकती। मिनी बजट का आना सीधे तौर पर बेरोजगारी में वृद्धि होगी। पाकिस्तान में 25 करोड़ लोग रहते हैं। इनमें से 62.5 लाख वयस्क ऐसे हैं, जो काम करने को तैयार हैं, लेकिन उनके पास कोई नौकरी नहीं होगी। ये आंकड़ा पाकिस्तान में संगठित अपराध बढ़ने का भी खतरा पैदा करेगा। बेरोजगार युवा पाकिस्तान की नाक में तो दम करेंगे ही, लेकिन भारत के लिए भी दिक्कतें पैदा करेंगे।

पाकिस्तान में आतंकी संगठन भारत के खिलाफ साजिश रचने के लिए ऐसे युवाओं को खोजते हैं जिन्हें थोड़े से पैसे के लालच में आतंकी बनाया जा सके। अगर इतनी बड़ी आबादी बेरोजगार होगी तो इनमें कई लोग ऐसे भी होंगे जो अपने परिवार को पालने के लिए आतंकी बनना स्वीकार करेंगे। 2023 में तो पाकिस्तान के आर्थिक हालत सुधरते नहीं दिख रहे हैं। यानी साल 2024 भी पाकिस्तान के लिए खराब ही होगा। पाकिस्तान में पिछले कुछ महीनों से रिफाइनरी, कपड़ा, लोहा, ऑटोमोबाइल और उर्वरक से जुड़े उत्पाद बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं।

भारत को दिक्कत ये है पाकिस्तान के साथ ही श्रीलंका को हालत भी खराब है। श्रीलंका चीन के कर्ज बोझ से तबाही पर पहुंच गया है। वह न कर्ज लौटा रहा है और न ही अपने लोगों का पेट भर पा रहा है। गरीबी और बेरोजगारी को वजह का ज्यादा असर बच्चो और महिलाओं पर है। बच्चे स्कूल नही जा परे हैं क्योंकि पेट में अनाज नहीं है स्कूल में को भोजन बच्चो को दिए जाते थे वह बंद हो गए हैं। महिलाए एनीमिया की शिकार है और गर्भवती महिलाएं मौत से जूझ रही हैं।

ऐसे में भारत पर दवाब ज्यादा ही बढ़ता जा रहा है। भारत के भीतर संकट अब बाहरी संकट को वजह से और बढ़ गया है।

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