Israel Election 2026: इजराइल में मंगलवार, 27 अक्टूबर को संसदीय चुनाव के लिए मतदान हो रहा है। इस चुनाव में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के सामने पूर्व सेना प्रमुख और विपक्षी नेता गादी आइजनकोट बड़ी चुनौती पेश कर रहे हैं। चुनाव के नतीजे देश की सुरक्षा नीति और राजनीतिक दिशा को प्रभावित कर सकते हैं।
इजराइल की संसद नेसेट में कुल 120 सीटें हैं। सरकार बनाने के लिए कम से कम 61 सांसदों का समर्थन जरूरी है। हालिया ओपिनियन पोल में दोनों प्रमुख खेमों के बीच कड़ा मुकाबला दिखा है। किसी भी पक्ष के लिए बहुमत का रास्ता स्पष्ट नहीं है, इसलिए चुनाव के बाद गठबंधन की भूमिका अहम हो सकती है।
चुनाव के 4 बड़े मुद्दे
1. 7 अक्टूबर के हमले की जवाबदेही: वर्ष 2023 में हमास के हमले के बाद सुरक्षा व्यवस्था में हुई चूक और सरकार की जिम्मेदारी चुनाव के प्रमुख मुद्दों में शामिल हैं।
2. हरेदी समुदाय की सैन्य सेवा: अति-रूढ़िवादी यहूदी समुदाय को सैन्य सेवा से मिलने वाली छूट पर विवाद जारी है। आइजनकोट अधिक लोगों को सैन्य या नागरिक सेवा से जोड़ने के पक्ष में हैं।
3. सुप्रीम कोर्ट की शक्तियां: न्यायपालिका में बदलाव की नेतन्याहू सरकार की कोशिशों को लेकर देश में पहले भी बड़े विरोध प्रदर्शन हुए थे। यह मुद्दा राजनीतिक बहस का हिस्सा बना हुआ है।
4. सुरक्षा और युद्ध: गाजा, लेबनान और क्षेत्रीय संघर्षों के बीच देश की सुरक्षा, युद्ध की दिशा और सरकार की रणनीति मतदाताओं के लिए अहम सवाल हैं।
नेतन्याहू और आइजनकोट की सैन्य पृष्ठभूमि
बेंजामिन नेतन्याहू ने युवावस्था में इजराइली सेना की विशेष कमांडो यूनिट में सेवा दी थी। उनके बड़े भाई योनातन 1976 में एंटेबे बंधक बचाव अभियान के दौरान मारे गए थे।
गादी आइजनकोट ने 1978 में सेना में अपना करियर शुरू किया और 2015 से 2019 तक इजराइल के सेना प्रमुख रहे। गाजा युद्ध के दौरान दिसंबर 2023 में उनके बेटे गाल और अगले दिन उनके भतीजे माओर कोहेन आइजनकोट की मौत हो गई थी।
अब चुनाव में मतदाताओं का फैसला और उसके बाद होने वाली गठबंधन वार्ता तय करेगी कि अगली सरकार किसके नेतृत्व में बनेगी।

