Iran US Conflict: मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव गहरा गया है। इराक में हुए सैन्य हमले में ईरान से जुड़े छह सैन्य सलाहकारों की मौत की खबर सामने आई है। यह जानकारी इराकी मिलिशिया से जुड़े दो अधिकारियों ने समाचार एजेंसी एपी (AP) को दी। इसी बीच जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर ईरान की ओर से बैलिस्टिक मिसाइल दागे जाने के बाद अमेरिका और ईरान के बीच टकराव और तेज होता दिखाई दे रहा है।
इन घटनाओं के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि यदि अमेरिकी सैनिकों या सैन्य ठिकानों पर हमले जारी रहे, तो अमेरिका इसका कड़ा और निर्णायक जवाब देगा।
ट्रंप बोले- किसी भी हमले का मिलेगा सख्त जवाब
फॉक्स न्यूज को दिए एक टेलीफोनिक इंटरव्यू में डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि रात के समय अमेरिकी सैन्य परिसंपत्तियों को निशाना बनाया गया। उनके मुताबिक अमेरिका इस कार्रवाई को हल्के में नहीं लेगा और जरूरत पड़ने पर पूरी ताकत से जवाब देगा। उन्होंने कहा कि यदि अमेरिकी बलों पर दोबारा हमला हुआ, तो जवाब पहले से कहीं अधिक कठोर होगा।
‘अमेरिकी सेना पर हमला बर्दाश्त नहीं’
ट्रंप ने कहा कि जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य अड्डे पर हुआ मिसाइल हमला अचानक हुआ, जिससे वहां तैनात सैनिकों के पास प्रतिक्रिया देने का समय बेहद सीमित था। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका अपनी सेनाओं और हितों की रक्षा के लिए हर आवश्यक कदम उठाएगा।
सैन्य सख्ती के साथ कूटनीति का भी संकेत
हालांकि राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका अभी भी बातचीत के रास्ते को पूरी तरह बंद नहीं करना चाहता। उनके अनुसार, दोनों देशों के बीच पहले से संवाद की प्रक्रिया चल रही थी और यदि हालात अनुकूल रहे तो कूटनीतिक समाधान की संभावना बनी रह सकती है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका शांति चाहता है, लेकिन अपने सैनिकों और राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगा।
क्षेत्रीय तनाव पर दुनिया की नजर
इराक और जॉर्डन में हुई ताजा घटनाओं के बाद पूरे मध्य पूर्व में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच सैन्य कार्रवाई और तेज होती है, तो इसका असर पूरे क्षेत्र की स्थिरता और वैश्विक सुरक्षा पर पड़ सकता है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है।

