USA Iran Conflict: क्या रुक जाएगा दुनिया का तेल कारोबार? मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव

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USA Iran Conflict: मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव बढ़ता दिखाई दे रहा है। विभिन्न मीडिया रिपोर्टों और दावों के अनुसार, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर अस्थायी प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है। दावा किया गया है कि यह कदम अमेरिकी हस्तक्षेप के आरोपों के बीच उठाया गया।

रिपोर्टों के मुताबिक, एक जहाज ने निर्धारित अनुमति के बिना इस मार्ग से गुजरने की कोशिश की, जिसके बाद आईआरजीसी ने चेतावनी स्वरूप फायरिंग की। इसके बाद जलडमरूमध्य पर अस्थायी रोक लगाने की बात सामने आई। हालांकि, इस संबंध में स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

अमेरिका की सैन्य कार्रवाई का दावा

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी सेना ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे एक व्यापारी जहाज पर कथित हमले के बाद उसने रविवार तड़के ईरान के ठिकानों पर सैन्य कार्रवाई शुरू की।

इसी दौरान ईरानी मीडिया में दक्षिणी क्षेत्रों में कई धमाकों की खबरें भी सामने आईं। रिपोर्ट्स में बंदर अब्बास, सिरिक और केशम द्वीप के आसपास विस्फोटों की आवाज सुनाई देने का दावा किया गया।

ईरान के शीर्ष नेतृत्व की कड़ी प्रतिक्रिया

रिपोर्टों के मुताबिक, ईरान के सर्वोच्च नेता के उत्तराधिकारी के रूप में चर्चित मोजतबा खामेनेई ने अपने पिता अली खामेनेई की कथित हत्या का बदला लेने की बात कही। उन्होंने कहा कि जवाब देना देश की सामूहिक इच्छा है। इस बयान के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

तेल बाजार पर पड़ सकता है बड़ा असर

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्गों में गिना जाता है। वैश्विक कच्चे तेल और गैस की बड़ी मात्रा इसी रास्ते से गुजरती है। यदि इस मार्ग पर आवाजाही प्रभावित होती है, तो अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों, समुद्री व्यापार और वैश्विक सप्लाई चेन पर व्यापक असर पड़ सकता है।

समझौते के बावजूद जारी है तनाव

हाल के महीनों में अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौतों के बावजूद दोनों देशों के संबंध सामान्य नहीं हो सके हैं। ईरान लगातार अमेरिकी नीतियों और इज़राइल की सैन्य कार्रवाइयों पर आपत्ति जताता रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा घटनाक्रम क्षेत्रीय अस्थिरता को और बढ़ा सकता है।

दक्षिणी ईरान में विस्फोटों की खबर

अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, बुशहर, असलुयेह, बंदर अब्बास, सिरिक और केशम द्वीप के आसपास विस्फोटों की सूचनाएं सामने आई हैं। बुशहर शहर ईरान के प्रमुख परमाणु ऊर्जा संयंत्र के लिए भी जाना जाता है। हालांकि इन घटनाओं के कारणों और नुकसान को लेकर आधिकारिक स्तर पर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

पूरी दुनिया की नजर मिडिल ईस्ट पर

मौजूदा घटनाक्रम ने वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। यदि हालात और बिगड़ते हैं तो इसका असर सिर्फ मध्य पूर्व तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि ऊर्जा बाजार, अंतरराष्ट्रीय व्यापार और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी देखने को मिल सकता है।

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