अमेरिकी चुनाव से पहले डोनाल्ड ट्रंप को बड़ा झटका, एडल्ट स्टार को धन देने के सभी 34 आरोपों में दोषी करार

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न्यूज डेस्क
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को हश मनी मामले में दोषी करार दिया गया है। इस मामले पर दो दिनों तक चली सुनवाई के बाद 12 सदस्यीय ज्यूरी ने उन्हें सभी 34 आरोपों में दोषी ठहराया है। अमेरिका के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है, जब किसी मौजूदा या पूर्व राष्ट्रपति के खिलाफ आपराधिक मामला चलाया गया है। ट्रंप पर 2016 में हुए राष्ट्रपति चुनावों से पहले एडल्ट स्टार स्टॉर्मी डेनियल्स को चुप रहने के बदले पैसों का भुगतान करने की बात छिपाने और अपने कारोबारी रिकॉर्ड में हेरफेर करने के 34 आरोप थे, उन्हें इन सभी आरोपों में दोषी पाया गया है।

ट्रंप पर आरोप है कि उन्होंने एडल्ट फिल्म स्टार स्टॉर्मी डेनियल्स को 2006 में उनके बीच हुए यौन संबंध के बारे में सार्वजनिक नहीं करने लिए कथित गुप्त धन भुगतान से संबंधित व्यावसायिक रिकॉर्ड में हेराफेरी की। ट्रंप पर यह भी आरोप है कि 2016 के चुनाव से पहले उन्होंने चुप्पी साध ली।

सीएनएन की रिपोर्ट में कहा गया है कि ट्रंप ने आरोपों और डेनियल्स के साथ कोई संपर्क होने से इनकार किया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि मंगलवार को अंतिम दलील देते हुए अभियोजक ने कहा कि यह साबित हो गया है कि ट्रंप ने चुनाव कानून का उल्लंघन करने, सहायता करने या छिपाने का प्रयास किया था।

रिपोर्ट में अभियोजक के हवाले से कहा गया है कि स्टीनग्लास ने कहा कि एक साजिश थी। अभियोजक की समापन बहस लगभग पांच घंटे तक चली। अभियोजक ने जूरी को बताया कि इस बात के बहुत सारे सबूत हैं कि यह भुगतान डेनियल्स को किया गया था। जूरी बुधवार को न्यायाधीश जुआन मर्चन के 12-सदस्यीय जूरी को निर्देश देने के बाद इस बात पर विचार-विमर्श शुरू करेगी कि ट्रंप को दोषी ठहराया जाए या नहीं।

जूरी के फैसले के बाद ट्रंप ने मुकदमे की कड़ी निंदा की, इसे “अपमानजनक” करार दिया और इसे “धांधली” बताया। ट्रंप ने अदालत कक्ष से बाहर निकलने के बाद अपना असंतोष व्यक्त करते हुए कहा, “हमने कोई गलत काम नहीं किया। मैं बहुत निर्दोष आदमी हूं।” दोषी फैसले के बावजूद, ट्रम्प ने अपनी बेगुनाही बरकरार रखी और आगामी आम चुनाव को इस मामले पर जनता की राय का सही माप बताया। उन्होंने कहा कि असली फैसला जनता द्वारा 5 नवंबर को होने वाला है। ट्रंप ने मामले पर अपने प्रभाव का निराधार दावा करते हुए मैनहट्टन जिला अटॉर्नी और बाइडेन प्रशासन की भी आलोचना की।

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