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हत्या का आरोपी ये बांग्लादेशी स्टार ऑलराउंडर नहीं खेलेगा कानपुर टेस्ट? जानिए क्या है मामला

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न्यूज डेस्क
बांग्लादेश के दिग्गज क्रिकेटर शाकिब अल हसन फिलहाल 2 टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए भारत में मौजूद हैं। मगर कुछ दिन पहले उनपर अपने ही देश में हत्या के आरोप लगे थे। बांग्लादेश में सरकार का तख्तापलट होने से पहले शाकिब अल हसन शेख हसीना सरकार में आवामी लीग से सांसद थे। छात्र विरोध प्रदर्शन के बीच एक व्यक्ति ने शाकिब समेत 156 लोगों पर अपने बेटे, रूबेल की हत्या का आरोप लगाया था।

कुछ दिन पहले बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) की ओर से कहा गया था कि जब तक शाकिब को दोषी करार नहीं दिया जाता तब तक उन्हें क्रिकेट खेलने से नहीं रोका जाएगा। अब बीसीबी में क्रिकेट ऑपरेशंस के इनचार्ज शहरियार नफीस ने बताया कि मेरे ख्याल से मुख्य सलाहकार, खेलों के सलाहकार और कानूनी मामलों के सलाहकार ने अपना रुख स्पष्ट रूप से सामने रखा है। बांग्लादेश सरकार का साफ संदेश है कि जो भी केस दर्ज हुए हैं, उनमें किसी को बिना आधार परेशान नहीं किया जाएगा।

नफीस ने अपने बयान में यह भी बताया कि बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने रुख स्पष्ट कर दिया है कि चोटिल होने या फिर चयन में आई किसी समस्या के कारण ही शाकिब टीम से बाहर हो सकते हैं। फिलहाल उन्हें व्यक्तिगत तौर पर ऐसा कोई कारण नजर नहीं आता जिससे शाकिब को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ आगामी घरेलू सीरीज में क्यों नहीं खेलना चाहिए। इस बयान ने कहीं ना कहीं साफ कर दिया है कि बांग्लादेश वापस लौटने पर शाकिब अल हसन को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा और ना ही उन्हें अन्य किसी कारण से परेशान किया जाएगा।

पिछले महीने बांग्‍लादेश के कानूनी सलाहकार आसिफ़ नाज़रुल ने कहा था कि उन्‍हें उम्‍मीद है कि शाकिब को केस के संबंध में गिरफ़्तार नहीं किया जाएगा। उन्‍होंने कहा था,”शाकिब के ख़‍िलाफ़ एक ही केस है। मुझे उम्‍मीद है कि उन्‍हें गिरफ़्तार नहीं किया जाएगा. मुझे पता चला है कि पुलिस बलों को कुछ अविश्वसनीय घटित होने की स्थिति में यथासंभव संयम बरतने के लिए कहा गया है।

मामले में नाम आने की ख़बर सामने आने के तुरंत बाद, शाकिब को उनके बांग्लादेश टीम के साथियों से समर्थन मिला, जिन्होंने अपने-अपने सोशल-मीडिया अकाउंट पर संदेश पोस्ट किए थे। लेकिन जुलाई और अगस्त में छात्रों के नेतृत्व में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन के दौरान उनकी चुप्पी की भी आलोचना हुई। उनकी राष्ट्रीय टीम के कई साथियों ने विभिन्न बिंदुओं पर विरोध प्रदर्शनों और विशेषकर छात्रों की जान के नुकसान के बारे में बात की है, लेकिन शाकिब ने ऐसा नहीं किया है।

 

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