CWG Boxing 2026: भारत ने बॉक्सिंग में रचा इतिहास, 7 गोल्ड और 3 सिल्वर के साथ मेडल टैली में रहा नंबर-1

0
10

CWG Boxing 2026: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय मुक्केबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए नया इतिहास रच दिया। भारतीय टीम ने बॉक्सिंग प्रतियोगिता का समापन 7 स्वर्ण और 3 रजत पदकों के साथ किया। यह किसी भी कॉमनवेल्थ गेम्स संस्करण में भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन माना जा रहा है। इस उपलब्धि के दम पर भारत ने बॉक्सिंग की मेडल तालिका में पहला स्थान हासिल किया।

प्रतियोगिता के अंतिम दिन पुरुषों के 90+ किलोग्राम वर्ग में भारत के नरेंद्र ने फाइनल तक का सफर तय किया। हालांकि खिताबी मुकाबले में उन्हें इंग्लैंड के डमार थॉमस के खिलाफ 0-5 के सर्वसम्मत निर्णय से हार का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद नरेंद्र ने रजत पदक जीतकर भारत की झोली में एक और महत्वपूर्ण मेडल जोड़ा।

अंकुश पांघल ने दिलाया सातवां गोल्ड

शनिवार को ही अंकुश पांघल ने पुरुषों के 80 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में इंग्लैंड के डिमेजी शिट्टू को 4-1 के स्प्लिट निर्णय से हराकर भारत को सातवां स्वर्ण पदक दिलाया। उनकी इस जीत के साथ भारतीय बॉक्सिंग टीम का अभियान ऐतिहासिक उपलब्धि के साथ समाप्त हुआ।

महिला मुक्केबाजों ने दिखाई जबरदस्त ताकत

भारतीय महिला बॉक्सरों ने भी पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया और लगातार स्वर्ण पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया।

साक्षी चौधरी ने जीता पहला कॉमनवेल्थ खिताब

51 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में साक्षी चौधरी ने इंग्लैंड की रूबी व्हाइट को एकतरफा मुकाबले में 5-0 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। यह साक्षी के करियर का पहला कॉमनवेल्थ गेम्स खिताब है।

मुकाबले की शुरुआत से ही साक्षी ने शानदार फुटवर्क, सटीक जैब और बेहतरीन डिफेंस का प्रदर्शन किया। पहले राउंड में उन्होंने पूरी तरह दबदबा बनाए रखा। दूसरे राउंड में रूबी व्हाइट ने वापसी की कोशिश की और कुछ प्रभावी पंच लगाए, लेकिन भारतीय खिलाड़ी ने संयम बनाए रखते हुए मुकाबले पर अपनी पकड़ मजबूत रखी और निर्णायक जीत हासिल की।

प्रिया घांघस ने भी जीता गोल्ड

साक्षी की जीत के कुछ ही देर बाद प्रिया घांघस ने महिलाओं के 60 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में कनाडा की मैरी-बाथौल अल-अहमदिएह को 4-1 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। उनकी जीत ने भारतीय टीम के स्वर्ण पदकों की संख्या में एक और इजाफा किया।

अरुंधति चौधरी ने बढ़ाई भारत की चमक

महिलाओं के 70 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में अरुंधति चौधरी ने इंग्लैंड की चैंटेल रीड को हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। इस जीत के साथ भारत ने बॉक्सिंग में एक संस्करण में सबसे अधिक स्वर्ण पदक जीतने का नया रिकॉर्ड भी बना लिया।

इन खिलाड़ियों ने भी दिलाया गोल्ड

भारतीय टीम की ऐतिहासिक सफलता में कई अन्य मुक्केबाजों का भी अहम योगदान रहा।

  • प्रीति पवार – महिलाओं के 54 किग्रा वर्ग में कनाडा की स्कारलेट सवाना डेलगाडो को 5-0 से हराकर गोल्ड।
  • जैस्मिन लंबोरिया – महिलाओं के 57 किग्रा वर्ग में उत्तरी आयरलैंड की माइकेला वॉल्श को 5-0 से हराकर गोल्ड।
  • सचिन सिवाच – अपने वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर भारत की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
  • अंकुश पांघल – पुरुषों के 80 किग्रा वर्ग में गोल्ड।
  • साक्षी चौधरी – महिलाओं के 51 किग्रा वर्ग में गोल्ड।
  • प्रिया घांघस – महिलाओं के 60 किग्रा वर्ग में गोल्ड।
  • अरुंधति चौधरी – महिलाओं के 70 किग्रा वर्ग में गोल्ड।
  • सिल्वर मेडल जीतने वाले खिलाड़ी
  • नरेंद्र – पुरुषों के 90+ किलोग्राम वर्ग में रजत पदक।
  • जादुमणि सिंह – अपने वर्ग में रजत पदक जीतकर भारत की झोली में अहम योगदान दिया।
    भारतीय टीम के खाते में कुल तीन सिल्वर मेडल दर्ज हुए।

भारत ने बनाया नया रिकॉर्ड

भारतीय बॉक्सिंग टीम ने 7 स्वर्ण और 3 रजत पदकों के साथ न केवल मेडल तालिका में पहला स्थान हासिल किया, बल्कि कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में बॉक्सिंग में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी दर्ज कराया। महिला और पुरुष दोनों वर्गों में खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन ने भारतीय मुक्केबाजी की बढ़ती ताकत को दुनिया के सामने साबित किया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here