वंदे मातरम् विवाद: राष्ट्रगीत के पूर्ण गायन को लेकर चल रहे सियासी विवाद के बीच कांग्रेस कार्यसमिति ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। पार्टी ने कहा है कि उसके आधिकारिक कार्यक्रमों में वंदे मातरम् के शुरुआती दो छंदों का ही गायन किया जाएगा। कांग्रेस ने इस फैसले को 1937 में कार्यसमिति द्वारा तय किए गए पुराने निर्णय से जोड़ते हुए कहा कि पार्टी इसी परंपरा का पालन करेगी।
कांग्रेस का यह फैसला ऐसे समय आया है जब 15 अगस्त के कार्यक्रम में वंदे मातरम् का पूरा संस्करण गाए जाने को लेकर विवाद खड़ा हुआ था। पार्टी ने उस दौरान सामने आए आरोपों से भी असहमति जताई थी कि सोनिया गांधी ने राष्ट्रगीत को बीच में रोकने का प्रयास किया था। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि पार्टी का आधिकारिक रुख 1937 में तय व्यवस्था के अनुरूप ही रहेगा।
1937 के फैसले का हवाला देकर कांग्रेस ने साफ किया रुख
कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कार्यसमिति की बैठक के बाद कहा कि वंदे मातरम् को लेकर पार्टी के भीतर कोई भ्रम नहीं है। उनके मुताबिक कांग्रेस अपने कार्यक्रमों में 1937 में तय किए गए प्रारूप के अनुसार शुरुआती दो छंदों का ही गायन करेगी।
पार्टी नेताओं ने इस दौरान स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े वरिष्ठ नेताओं और 1937 के कांग्रेस कार्यसमिति के निर्णय का उल्लेख किया। कांग्रेस का तर्क है कि यह फैसला राष्ट्रगीत के प्रति सम्मान में कमी का संकेत नहीं, बल्कि उसकी ऐतिहासिक पार्टी परंपरा का पालन है।
वहीं भाजपा ने कांग्रेस के इस निर्णय को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा नेता सुधांशु त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपने पार्टी प्रस्ताव को देश और संविधान से ऊपर रख रही है।
15 अगस्त के कार्यक्रम के बाद बढ़ा था विवाद
स्वतंत्रता दिवस पर कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम् का पूरा संस्करण गाए जाने के बाद राजनीतिक विवाद तेज हुआ था। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के व्यवहार पर सवाल उठाए थे। कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कार्यक्रम में हुई घटनाओं की अलग व्याख्या दी थी।
इसके बाद अब कांग्रेस कार्यसमिति ने अपने पार्टी कार्यक्रमों के लिए दो छंदों वाले पुराने प्रारूप को दोबारा स्पष्ट कर दिया है।
परिसीमन पर भी कांग्रेस ने बनाया अपना रुख
कार्यसमिति की बैठक में केवल वंदे मातरम् ही नहीं, बल्कि परिसीमन के मुद्दे पर भी पार्टी ने अपनी रणनीति तय की। कांग्रेस ने लोकसभा की मौजूदा 543 सीटों की संख्या को अगले 25 वर्षों तक बनाए रखने की मांग की है।
पार्टी का कहना है कि महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण को मौजूदा लोकसभा सीटों के आधार पर लागू किया जाना चाहिए। कांग्रेस ने लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाने की योजना का विरोध करने का फैसला किया है।
800 शहरों में छात्रों तक पहुंचेगी कांग्रेस
बैठक में पेपर लीक, रोजगार और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। कांग्रेस ने छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने के लिए ‘छात्रों की गूंज’ अभियान को करीब 800 शहरों तक ले जाने का फैसला किया है।
पार्टी का कहना है कि परीक्षा व्यवस्था, पेपर लीक और रोजगार जैसे मुद्दों को लेकर युवाओं के बीच असंतोष है। कांग्रेस अब इन विषयों को लेकर छात्र समुदाय के साथ संवाद बढ़ाने की तैयारी में है।
पार्टी के अनुसार, कई कार्यक्रमों में राहुल गांधी भी हिस्सा ले सकते हैं। कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों से भी छात्रों से बातचीत कर शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े सुझाव लेने को कहा गया है।
राम मंदिर चंदे के मुद्दे पर भी आंदोलन का ऐलान
कार्यसमिति ने अयोध्या स्थित राम मंदिर से जुड़े चंदे के कथित दुरुपयोग के आरोपों को लेकर भी राष्ट्रव्यापी अभियान चलाने का फैसला किया है। कांग्रेस ने इसे ‘चंदा चोरी’ का मुद्दा बताते हुए ब्लॉक से लेकर प्रदेश स्तर तक विरोध और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही है।
कांग्रेस का आरोप है कि इस मामले में केंद्र सरकार को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। पार्टी इस मुद्दे को अब जमीनी स्तर तक ले जाने की तैयारी में है।
चीन और अमेरिका के दबाव का भी मुद्दा उठाएगी पार्टी
कार्यसमिति की बैठक में विदेश नीति को लेकर भी चर्चा हुई। कांग्रेस नेताओं ने चीन और अमेरिका के संदर्भ में सरकार की नीतियों पर सवाल उठाने की रणनीति पर विचार किया।
पार्टी ने अपने नेताओं को इन मुद्दों पर अधिक आक्रामक तरीके से सरकार को घेरने और जनता के बीच अपना पक्ष रखने को कहा है।
हल्द्वानी ‘शुद्धिकरण’ मामले पर भी घेराबंदी
उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की सभा के बाद कथित ‘शुद्धिकरण’ को लेकर भी पार्टी ने भाजपा और संघ पर निशाना साधने की रणनीति बनाई है। कार्यसमिति ने इस मुद्दे को सामाजिक सम्मान और राजनीतिक मर्यादा से जोड़ते हुए इसे देशव्यापी अभियान में शामिल करने का फैसला किया है।
भाजपा ने कांग्रेस के फैसले पर साधा निशाना
कांग्रेस के दो छंदों वाले फैसले के सामने आने के बाद भाजपा ने इसे लेकर तीखा हमला बोला। भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि कांग्रेस कार्यसमिति का फैसला बेहद आपत्तिजनक है।
भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस राष्ट्रगीत के पूर्ण संस्करण को लेकर अपनाए गए सरकारी रुख का विरोध कर रही है और पार्टी के आंतरिक निर्णय को प्राथमिकता दे रही है। इस मुद्दे पर दोनों दलों के बीच राजनीतिक बयानबाजी आने वाले दिनों में और तेज होने के आसार हैं।
कांग्रेस की नई रणनीति के केंद्र में युवा और राजनीतिक मुद्दे
कार्यसमिति की बैठक से साफ संकेत मिला है कि कांग्रेस आने वाले समय में युवाओं, रोजगार, पेपर लीक, महिला आरक्षण, परिसीमन और धार्मिक भावनाओं से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की तैयारी में है।
एक तरफ पार्टी ने वंदे मातरम् को लेकर अपना पुराना रुख दोहराया है, तो दूसरी तरफ छात्रों और युवाओं के बीच संगठन की पहुंच बढ़ाने के लिए बड़े अभियान की घोषणा की है। इससे आने वाले दिनों में कांग्रेस और भाजपा के बीच कई मुद्दों पर राजनीतिक टकराव बढ़ने की संभावना है।

