33% महिला आरक्षण तत्काल लागू करने की मांग, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से मांगा जवाब

0
69

संसद और विधानसभा चुनाव में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण जल्द लागू करने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है।याचिका में कहा गया है कि जनगणना और सीटों के परिसीमन के नाम पर महिला आरक्षण लागू करने के लिए इंतजार किया जा रहा है।

कांग्रेस नेता जया ठाकुर की याचिका पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि महिलाओं की जनसंख्या लगभग 48 प्रतिशत है। इस लिहाज से वह भारत की सबसे बड़ी अल्पसंख्यक हैं, लेकिन राजनीति में उनका प्रतिनिधित्व अभी बहुत कम है। हालांकि, जस्टिस बी वी नागरत्ना की अध्यक्षता वाली बेंच ने यह भी कहा कि कानून लागू करना सरकार का काम है कोर्ट सरकार से सिर्फ पूछ सकता है कि उसकी इसे लेकर क्या योजना है।

संसद और विधानसभा में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण के लिए संविधान संशोधन सितंबर 2023 में संसद से पारित हुआ था। इसके साथ ही संविधान में नया अनुच्छेद 334A भी जोड़ा गया।इस अनुच्छेद के अनुसार, महिलाओं के लिए आरक्षण तभी लागू होगा जब नई जनगणना के बाद सीटों के परिसीमन (delimitation) की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

याचिकाकर्ता का कहना है कि इस शर्त के चलते महिलाओं के अधिकारों में देरी हो रही है इसलिए इसे असंवैधानिक घोषित किया जाए। अब सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा है कि संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करने को लेकर उसकी क्या योजना है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here