UP News: विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने युवाओं, रोजगार और सरकारी भर्ती व्यवस्था को लेकर अपनी सरकार की उपलब्धियों का जिक्र किया। इस दौरान उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए दावा किया कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में सरकारी भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी नहीं मानी जाती थी और युवाओं के सामने रोजगार को लेकर कई तरह की चुनौतियां थीं।
‘पहले सरकारी नौकरी पाना आसान नहीं था’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया को लेकर अक्सर सवाल उठते थे। उनका दावा था कि कई मामलों में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोप लगते थे, जिसके चलते भर्ती प्रक्रियाएं विवादों में घिर जाती थीं और कई बार अदालतों को भी हस्तक्षेप करना पड़ता था।
उन्होंने कहा कि आज राज्य में भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने का प्रयास किया गया है, जिससे योग्य उम्मीदवारों को अवसर मिल सके।
युवाओं के सामने था पहचान और रोजगार का संकट
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सीमित थे। उनका कहना था कि शिक्षा पूरी करने के बाद भी बड़ी संख्या में युवाओं को नौकरी की तलाश में दूसरे राज्यों का रुख करना पड़ता था।
उन्होंने यह भी दावा किया कि उस समय उत्तर प्रदेश के युवाओं को अन्य राज्यों में अपेक्षित सम्मान और पहचान नहीं मिलती थी, जबकि आज राज्य की छवि में सकारात्मक बदलाव आया है और युवा विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं।
कौशल विकास को बताया बदलाव की बड़ी वजह
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने वर्ष 2014 में कौशल विकास मंत्रालय का गठन कर इस क्षेत्र को नई दिशा दी। उनके अनुसार इसके बाद राज्यों में भी स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रमों को प्राथमिकता मिली और उत्तर प्रदेश ने उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप युवाओं को प्रशिक्षित करने के लिए कई पहल शुरू कीं।
उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास युवाओं को केवल रोजगार के लिए तैयार करना नहीं, बल्कि उन्हें स्वरोजगार और उद्यमिता के अवसरों से भी जोड़ना है।
उत्तर प्रदेश की युवा आबादी सबसे बड़ी ताकत
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे अधिक युवा आबादी वाला राज्य है और यही उसकी सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने कहा कि यदि युवाओं को सही प्रशिक्षण, आधुनिक तकनीक और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएं तो वे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसा माहौल तैयार करना है, जहां सभी युवाओं को समान अवसर मिलें और वे अपने कौशल के आधार पर आगे बढ़ सकें।

